Tahir Hussain का खुलासा- मैं था हिंसा में शामिल, शाहीन बाग में रची गई थी दिल्ली दंगों की साजिश

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 3, 2020, 08:01 AM IST

दिल्ली दंगा मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन (Tahir Hussain) ने दिल्ली पुलिस के सामने स्वीकार किया है कि वह दिल्ली हिंसा की साजिश में शामिल था।

Tahir Hussain का खुलासा- मैं था हिंसा में शामिल, शाहीन बाग में रची गई थी दिल्ली दंगों की साजिश

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के पार्षद ताहिर हुसैन ने स्वीकार किया है कि इस साल फरवरी माह के दौरान उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में वह शामिल था। दिल्ली पुलिस की एक पूछताछ रिपोर्ट (आईआर) के अनुसार, ताहिर ने स्वीकार किया कि उसने लोगों को हिंसा के लिए उकसाया था। इस पूछताछ के दौरान ताहिर हुसैन ने कहा कि उसने जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद से 8 जनवरी को शाहीन बाग में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कार्यालय में मुलाकात की।

एकत्र किए थे पेट्रोल, एसिड और पत्थर

 दिल्ली पुलिस के अनुसार, हुसैन का कार्य अपने घर की छत पर यथासंभव कांच की बोतल, पेट्रोल, एसिड, पत्थर इकट्ठा करना था। हुसैन के एक परिचित, खालिद सैफी को विरोध के लिए सड़कों पर लोगों को इकट्ठा करने का काम दिया गया था। हुसैन ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि खालिद सैफी ने अपने दोस्त इशरत जहां के साथ पहली बार शाहीन बाग की तर्ज पर खुरेजी में धरना प्रदर्शन शुरू किया था। 

ट्रंप की यात्रा को देखते हुए रची गई साजिश

 पुलिस से पूछताछ के दौरान ताहिर हुसैन ने कहा, '4 फरवरी को, अबू फ़ज़ल एन्क्लेव में, मैं दंगों की योजना बनाने के लिए मैं खालिद सैफ़ी से मिला। इस दौरान सीएए के खिलाफ धरने पर बैठे लोगों को भड़काने का निर्णय लिया गया। खालिद सैफ़ी ने कहा था कि डोनाल्ड ट्रम्प की यात्रा के समय कुछ बड़ा किया जाना है। ताकि सरकार घुटने टेक दे।' दिल्ली पुलिस की पूछताछ में ताहिर हुसैन ने स्वीकार किया है कि उसने अपनी छत पर बहुत सारा एसिड, पेट्रोल, डीजल और पत्थर इकट्ठा किए हैं। उसने हिंसा में इस्तेमाल के लिए थाने से अपनी पिस्तौल भी ले ली थी।

लोगों को फोन कर बुलाया

 पुलिस को ताहिर हुसैन ने बताया, '24 फरवरी को, हमारी योजना के अनुसार, मैंने कई लोगों को फोन किया और बताया कि उन्हें मेरी छत से पत्थर, पेट्रोल बम और एसिड की बोतलें कैसे फेंकनी हैं। मैंने अपने परिवार को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया था। 24 फरवरी 2020 को लगभग 1 : 30 बजे हम पत्थर फेंकने लगे।' दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, हुसैन आईबी स्टाफ के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मुख्य आरोपियों में से एक है, जिसका शव 26 फरवरी को उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान चांद बाग में एक नाले से बरामद किया गया था। 

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