Azam Khan: सुप्रीम कोर्ट ने समाजवादी पार्टी (सपा) नेता आजम खान की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने अपने बेटे अब्दुल्ला आजम खान के कथित फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में कार्यवाही रद्द करने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिका पर सुनवाई की कोई वजह नजर नहीं आती। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट में सबूतों के आधार पर सुनवाई आगे बढ़नी चाहिए।
कोर्ट ने कही ये बात
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जज न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने कहा कि 93 की डेट ऑफ बर्थ पर आप कई साल तक जी रहे थे, आपको चुनाव लड़ना था इस लिए दूसरा बनवाया होगा, हो सकता वह अधिकारी भी इसमें दोषी हो। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आपके खिलाफ 468, 420 के तहत चार्ज तय किया गया है, हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नजर नहीं आता।
लगे थे ये आरोप
आजम के बेटे पर आरोप है कि उनके पास दो अलग अलग जगहों से फर्जी तरीके से दो प्रमाण पत्र जारी हुए। रामपुर बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने इसे लेकर 2019 में एक एफआईआर दर्ज करवाई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि आजम खान और उनकी पत्नी तंजीन फातिमा ने लखनऊ और रामपुर से बेटे को दो फर्जी जन्म प्रमाण पत्र दिलाने में मदद की थी। आजम खान, उनकी पत्नी तजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम खान को उनके खिलाफ दर्ज एक आपराधिक मामले में जेल भेज दिया गया था।

