कुछ लोग धर्म के नाम पर नफरत फैला रहे हैं, भारत की प्रगति के लिए देश की एकता जरूरी: NSA अजीत डोभाल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 30, 2022, 06:42 PM IST

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने कहा कि देश की प्रगति में कुछ लोग बाधा डाल रहे हैं। देश की एकता को बनाए रखना जरूरी है। इससे सभी धर्मों के लोगों को फायदा होगा।

कुछ लोग धर्म के नाम पर नफरत फैला रहे हैं, भारत की प्रगति के लिए देश की एकता जरूरी: NSA अजीत डोभाल
Photo Credit: ANI

नई दिल्ली: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने शनिवार को एक कार्यक्रम में कहा कि कुछ तत्व ऐसा माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं जो भारत की प्रगति में बाधा डाल रहा है। वे धर्म और विचारधारा के नाम पर कटुता और संघर्ष पैदा कर रहे हैं, यह पूरे देश को प्रभावित कर रहा है और देश के बाहर भी फैल रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया में संघर्ष का माहौल है, अगर हमें उस माहौल से निपटना है तो देश की एकता को एक साथ बनाए रखना जरूरी है। भारत जिस तरह से आगे बढ़ रहा है, उससे सभी धर्मों के लोगों को फायदा होगा। 

एनएसए की उपस्थिति में अंतरधार्मिक संवाद में सर्वसम्मति से संकल्प लिया गया कि पीएफआई और ऐसे किसी भी अन्य फ्रंट जैसे संगठन, जो देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं और हमारे नागरिकों के बीच नफरत पैदा कर रहे हैं, उन्हें प्रतिबंधित किया जाना चाहिए और देश के कानून के अनुसार उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए। साथ ही, हम दृढ़ता से अनुशंसा करते हैं कि किसी भी व्यक्ति या संगठन को किसी भी माध्यम से समुदायों के बीच नफरत फैलाने के सबूत के साथ दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कानून के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

एनएसए डोभाल की मौजूदगी में हजरत सैयद नसरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि जब कोई घटना होती है तो हम निंदा करते हैं। यह कुछ करने का समय है। कट्टरपंथी संगठनों पर लगाम लगाने और प्रतिबंधित करने की जरूरत है। चाहे वह कोई भी कट्टरपंथी संगठन हो, उनके खिलाफ सबूत होने पर उन्हें प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिए।

एनएसए अजीत डोभाल ने कहा कि मूकदर्शक बने रहने के बजाय हमें अपनी आवाज को मजबूत करने के साथ-साथ अपने मतभेदों पर जमीन पर काम करना होगा। हमें भारत के हर संप्रदाय को यह महसूस कराना है कि हम एक साथ एक देश हैं, हमें इस पर गर्व है और यहां हर धर्म को आजादी है।

हजरत सैयद नसरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि एक अंतरधार्मिक सम्मेलन आयोजित किया गया.. 'सर तन से जुदा' जैसे नारे इस्लाम विरोधी हैं। तालिबान का विचार है, इसका मुकाबला बंद कमरों के बजाय जमीन पर किया जाना चाहिए। चाहे वह पीएफआई हो या अन्य संगठन, भारत सरकार को उन पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।

हजरत सैयद नसरुद्दीन चिश्ती अखिल भारतीय सूफी सज्जादनाशिन परिषद के अध्यक्ष हैं, जिसने एक अंतरधार्मिक सम्मेलन आयोजित किया था जिसमें एनएसए अजीत डोभाल ने भाग लिया था।

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