Punjab DGP: पंजाब में फिर सिद्धू की चली, आधी रात में बदले गए CM चन्नी के करीबी डीजीपी सहोता

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 17, 2021, 08:24 AM IST

Sidharth Chattopadhyaya : समझा जा रहा है कि यह बदलाव सिद्धू के दबाव में हुआ है क्योंकि कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद से ही सिद्धू ने सहोता को कार्यवाहक डीजीपी बनाए जाने पर आपत्ति जताई थी।

Punjab DGP: पंजाब में फिर सिद्धू की चली, आधी रात में बदले गए CM चन्नी के करीबी डीजीपी सहोता

चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री पद पर चरणजीत सिंह चन्नी करीब तीन महीने का समय गुजार चुके हैं लेकिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के साथ उनके समीकरण अभी पूरी तरह से ठीक नहीं बैठे हैं और दोनों के बीच टकराव अभी खत्म नहीं हुआ है। दरअसल, पंजाब के डीजीपी इकबाल प्रीत सिंह सहोता को आधी रात में बदल दिया गया है। सहोता की जगह सिद्धार्थ चटोपाध्याय को राज्य का नया डीजीपी नियुक्त किया गया है। 

सिद्धू चाहते थे चटोपाध्याय को बनाया जाए डीजीपी

समझा जा रहा है कि यह बदलाव सिद्धू के दबाव में हुआ है क्योंकि कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद से ही सिद्धू ने सहोता को कार्यवाहक डीजीपी बनाए जाने पर आपत्ति जताई थी। सहोता को चन्नी का करीबी बताया जाता है। सहोता की नियुक्ति के बाद से ही सिद्धू उनके बदले जाने पर दबाव बना रहे थे लेकिन अब जाकर उन्हें सफलता मिली है। दिनकर गुप्‍ता के छुट्टी पर जाने के बाद चन्नी सरकार ने इकबाल प्रीत सिंह सहोता को कार्यवाहक डीजीपी नियुक्‍त किया था जिस पर सिद्धू ने आपत्ति जताई थी। 

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बादल परिवार के कारोबार की जांच कर चुके हैं चटोपाध्याय

बाद में चन्‍नी सरकार ने नए डीजीपी की नियुक्ति के लिए संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को अधिकारियों के नामों की सूची भेज दी थी। इस सूची में सहोता का नाम भी था। सिद्धू चाहते थे कि सहोता की जगह चटोपाध्याय को पुलिस विभाग की कमान सौंपी जाए। साल 2007 से 2012 के बीच बादल परिवार के वित्तीय कारोबार की जांच कर चुके हैं। चटोपाध्याय विजिलेंस विभाग के निदेशक रह चुके हैं। 

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पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। बताया जाता है कि सिद्धू की मुहिम के चलते ही कांग्रेस आलाकमान ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को सीएम पद से हटाया। सूत्र बताते हैं कि सिद्धू की नजर सीएम बनने पर है। वह समय-समय पर अपनी ताकत का इजहार कर यह संदेश देने की कोशिश करते हैं कि सत्ता की असली चाबी उन्हीं के पास है।

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