आगरा-राजस्थान बॉर्डर पर कांग्रेस का प्रदर्शन, लखनऊ में FIR, प्रियंका ने कहा- बसों पर भाजपा का बैनर लगा दीजिए

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 19, 2020, 09:24 PM IST

Priyanka Gandhi’s offer buses to migrants: प्रवासियों के लिए बसों को लेकर कांग्रेस और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच बवाल बढ़ता जा रहा है। प्रियंका गांधी के निजी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष खिलाफ FIR दर्ज हो गई है।

आगरा-राजस्थान बॉर्डर पर कांग्रेस का प्रदर्शन, लखनऊ में FIR, प्रियंका ने कहा- बसों पर भाजपा का बैनर लगा दीजिए
Photo Credit: ANI

नई दिल्ली: प्रवासी मजदूरों के लिए कांग्रेस ने 1000 बसों की व्यस्था की, लेकिन उन्हें उत्तर प्रदेश में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली तो यूपी कांग्रेस के प्रमुख और अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं ने आगरा (यूपी)-राजस्थान बॉर्डर पर ऊंचा नंगला क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन किया। बाद में उन्हें मौके से हटा दिया गया। 

इस पर रवि कुमार एसपी ग्रामीण (पश्चिम) ने कहा, 'गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार आपको अंतर-राज्य बस मूवमेंट की अनुमति के लिए आवेदन करना होगा जिसके बाद पास जारी किया जाता है और अनुमति दी जाती है। उन्होंने आवेदन नहीं किया और पास भी नहीं था। इसलिए उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं थी। उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है। हालांकि प्रियंका गांधी वाड्रा के निजी सचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के निजी सचिव, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार ‘लल्लू’ तथा अन्य लोगों के खिलाफ मंगलवार को धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। परिवहन अधिकारी आरपी त्रिवेदी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

यह मुकदमा भारतीय दंड विधान (IPC) की धारा 420, 467 और 468 के तहत दर्ज किया गया है। यह मुकदमा उत्तर प्रदेश सरकार के उस आरोप के बाद दर्ज हुआ है जिसमें कहा गया है कि कांग्रेस द्वारा प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्य तक ले जाने के लिए दी गई 1000 बसों की सूची में शामिल कुछ वाहनों के नंबर दो पहिया, तिपहिया वाहनों तथा कारों के तौर पर दर्ज पाए गए हैं।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस पर योगी सरकार को घेरते हुए ट्वीट किया, 'यूपी सरकार ने हद कर दी है। जब राजनीतिक परहेजों को परे करते हुए त्रस्त और असहाय प्रवासी भाई बहनों को मदद करने का मौका मिला तो दुनिया भर की बाधाएँ सामने रख दिए। योगी आदित्यनाथ जी इन बसों  पर आप चाहें तो भाजपा का बैनर लगा दीजिए, अपने पोस्टर बेशक लगा दीजिए लेकिन हमारे सेवा भाव को मत ठुकराइए क्योंकि इस राजनीतिक खिलवाड़ में तीन दिन व्यर्थ हो चुके हैं। और इन्हीं तीन दिनों में हमारे देशवासी सड़कों पर चलते हुए दम तोड़ रहे हैं।' 

उन्होंने आगे कहा कि उप्र सरकार का खुद का बयान है कि हमारी 1049 बसों में से 879 बसें जांच में सही पायीं गईं। ऊँचा नागला बॉर्डर पर आपके प्रशासन ने हमारी 500 बसों से ज्यादा बसों को घंटों से रोक रखा है। इधर दिल्ली बॉर्डर पर भी 300 से ज्यादा बसें पहुँच रही हैं। कृपया इन 879 बसों को तो चलने दीजिए। हम आपको कल 200 बसें की नयी सूची दिलाकर बसें उपलब्ध करा देंगे। बेशक आप इस सूची की भी जाँच कीजिएगा। लोग बहुत कष्ट में हैं। दुखी हैं। हम और देर नहीं कर सकते।' 

इससे पहले प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह ने अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी को पत्र लिखकर कह, 'आज आपने हमसे सभी बसें नोएडा और गाजियाबाद पहुंचाने का आग्रह किया। हम बसों को लेकर लगभग 3 घंटे से यूपी बॉर्डर पर ऊंचा नागला पर खड़े हैं, लेकिन आगरा प्रशासन हमें अंदर घुसने नहीं दे रहा है। आप तत्काल हमारी समस्त बसों को अनुमति पत्र भेजिए ताकि हम आगे बढ़ सके। कृपया प्रशासन को हमारा अनुमित पत्र भेंजे, ताकि हमारी बसें आगरा होते हुए गाजियाबाद और नोएडा पहुंच जाएं।' 

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