Farmers Protest: ट्रैक्टर रैली में 4 किसान नेताओं को गोली मारने की थी साजिश! सिंघु बार्डर से पकड़ा गया संदिग्ध

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 23, 2021, 06:54 AM IST

सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि 26 जनवरी को प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के दौरान उनमें से चार लोगों की हत्या किए जाने और अशांति पैदा करने की साजिश रची गई है।

Farmers Protest: ट्रैक्टर रैली में 4 किसान नेताओं को गोली मारने की थी साजिश! सिंघु बार्डर से पकड़ा गया संदिग्ध

नई दिल्ली: नए कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर लंबे समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों ने शुक्रवार को एक बड़ा दावा किया है। किसान नेताओं ने एक संदिग्ध को पकड़ा है जिसने दावा किया है कि वह ट्रैक्टर मार्च के दौरान 4 किसान नेताओं की गोली मारकर हत्या करना चाहता था। शुक्रवार देर रात को प्रेस वार्ता के दौरान सिंघू बॉर्डर पर किसान नेताओं ने एक व्यक्ति को पेश किया, जिसने दावा किया कि उसकी टीम के सदस्यों को ट्रैक्टर रैली के दौरान कथित तौर पर पुलिसकर्मी बनकर भीड़ पर लाठीचार्ज करने को कहा गया था।

कथित शूटर पकड़ा गया

पकड़े गए इस कथित शूटर ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। किसानों ने शूटर को मीडिया के सामने पेश किया जिसमें उसने कहा, 'हमारा ये प्लान था, जैसे 26 तारीख को बढ़ने की कोशिश करेंगे ये तो पहले जो लाइन होगी, जब दिल्ली पुलिस इन्हें रोकने की कोशिश करेगी, जो गन चलाएगा वो ये होगा कि हम शूट करेंगे, रोकने की कोशिश करेंगे। अगर ये नहीं रूकते हैं तो हमें शूट करने का ऑर्डर है। पीछे से जो हमारी टीम होगी वो शूट करेगी जिसमें 8-10 लड़के हैं। लोगों को ये लगेगा कि दिल्ली में किसान लोगों ने ये चलाए हैं। जो 26 तारीख की रैली है उसमें से आधे लोग घर के होंगे जो पुलिस के होंगे इन्हें तितर-बितर करने के लिए।'

चार नेताओं को था मारने का प्लान

इस दौरान कथित शूटर ने बताया, 'स्टेज पर जो चार लोग होंगे जिनकी फोटो दे दी गई है उन्हें शूट करने का प्रोगाम है। जो हमें सिखाता है वो प्रदीप सिंह हैं जो राई (हरियाणा) थाने का एसएचओ है। वो हमने कभी देखा नहीं, जब भी वह मिलने आता था मुंह ढक के आता था। उसका हमने बैच देखा था।' बाद में चार किसान नेताओं को गोली मारने की कथित साजिश का खुलासा करने वाले शख्स को पुलिस के हवाले कर दिया गया। किसान नेता कुलवंत सिंह संधू ने कहा कि किसानों के आंदोलन को बाधित करने के लिए एजेंसियों द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं।

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