Noida के DM Suhas Yathiraj ने Tokyo Paralympics में रचा इतिहास, PM मोदी और CM योगी ने दी बधाई

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 5, 2021, 11:28 AM IST

Noida DM Suhas Yathiraj Wins Silver Medal: नोएडा के डीएम सुहास एलवाई ने टोक्यो पैरालिंपिक में इतिहास रचते हुए भारत को सिल्वर मेडल दिलाया। उनकी जीत पर पीएम मोदी सहित तमाम नेताओं ने बधाई दी है।

नई दिल्ली:  नोएडा के डीएम सुहास यतिराज (Noida DM Suhas Yathiraj) रविवार को टोक्यो पैरालंपिक की पुरूष एकल एसएल4 क्लास बैडमिंटन स्पर्धा के फाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त फ्रांस के लुकास माजूर से करीबी मुकाबले में हार गये।  उन्होंने ऐतिहासिक रजत पदक के साथ अपना अभियान समाप्त किया। सुहास के रजत पदक जीतने पर उन्हें पीएम मोदी से लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई राजनेताओं ने बधाई दी है।

राष्ट्रपति ने दी बधाई

 राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सुहास यतिराज को बधाई देते हुए कहा, 'सुहास यतिराज को बधाई जिन्होंने Paralympics में विश्व के नंबर 1 खिलाड़ी को कड़ी टक्कर दी और बैडमिंटन में रजत पदक जीता। एक सिविल सेवक के रूप में कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए खेलों को आगे बढ़ाने में आपका समर्पण असाधारण है। उपलब्धियों से भरे भविष्य के लिए शुभकामनाएं।'

पीएम का ट्वीट

पीएम मोदी ने सुहास की इस जीत को शानदार बताते हुए ट्वीट कर उन्हें बधाई दी और कहा, 'सेवा और खेल का अद्भुत संगम। सुहास यतिराज ने अपने असाधारण खेल की बदौलत पूरे देश को खुश कर दिया। बैडमिंटन में रजत पदक जीतने पर उन्हें बधाई। भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिये उन्हें शुभकामनायें।'

योगी ने दी बधाई

 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट करते हुए कहा, 'आज टोक्यो #Paralympics में गौतमबुद्ध नगर के डीएम सुहास एल. वाई. ने बैडमिंटन स्पर्धा में रजत पदक जीतकर भारतवर्ष की खेल प्रतिभा को वैश्विक पटल पर प्रतिष्ठित किया है। समूचे देश को हर्षाने वाली यह अविस्मरणीय उपलब्धि अनेकानेक खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी। आपको अनन्त शुभकामनाएं। जय हिंद!'

सुहास ने बताई हार की वजह

आपको बता दें कि नोएडा के जिलाधिकारी 38 वर्षीय यतिराज दो बार के विश्व चैम्पियन माजूर से 62 मिनट तक चले फाइनल में 21-15 17-21 15-21 से हार गये। इस तरह गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) के जिलाधिकारी सुहास पैरालंपिक में पदक जीतने वाले पहले आईएएस अधिकारी भी बन गये हैं। सुहास ने बैडमिंटन में भारत के लिये तीसरा पदक जीतने के बाद कहा, ‘मैं अपने प्रदर्शन से बहुत खुश हूं लेकिन मुझे यह यह मैच दूसरे गेम में ही खत्म कर देना चाहिए था। इसलिये मैं थोड़ा सा निराश हूं कि मैं फाइनल नहीं जीत सका क्योंकि मैंने दूसरे गेम में अच्छी बढ़त बना ली थी। लेकिन लुकास को बधाई। जो भी बेहतर खेलता है, वो विजेता होता है।’

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