E-Auction Starts For Mementos, Gifts Given To PM Modi: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को प्रदान किए गए प्रतिष्ठित और यादगार उपहारों की ई-नीलामी का चौथा संस्करण आज यानि 17 सितंबर को उनके जन्मदिन के मौके पर शुरू हो गया है। 2 अक्टूबर, 2021 तक वेब पोर्टल https://pmmementos.gov.in के माध्यम से आयोजित होने वाले इस ई-नीलामी में स्मृति चिन्ह कॉमनवेल्थ और पैरालंपिक खेलों के विजेताओं द्वारा प्रधानमंत्री को उपहार में दिए गए स्पोर्ट्स गियर और उपकरण भी शामिल हैं। अन्य ऐतिहासिक उपहारों में उत्कृष्ट पेंटिंग, मूर्तियां, हस्तशिल्प और लोक कलाकृतियां शामिल हैं।
कई आकर्षक गिफ्ट हैं शामिल
प्रधानमंत्री को दिए गए 1,200 उपहारों और स्मृति चिन्हों की इस नीलामी में सबसे दिलचस्प अयोध्या में श्री राम मंदिर और वाराणसी में काशी-विश्वनाथ मंदिर की प्रतिकृतियां और मॉडल हैं। इसके अलावा खेलों से जुड़ी कई यादें और उपहार भी इस नीलामी के अहम आकर्षण हैं जिनमें कॉमनवेल्थ गेम्स, डेफलिम्पिक्स और थॉमस कप चैंपियनशिप के खिलाड़ियों की जर्सी और अन्य सामान शामिल है। अब कोई भी बैडमिंटन रैकेट का मालिक हो सकता है, जिस पर मशहूर शटलर के श्रीकांत का ऑटोग्राफ है। नीलामी में कुश्ती, हॉकी, लॉन बॉलिंग और पैरा-पावरलिफ्टिंग टीमों के सदस्यों द्वारा ऑटोग्राफ की गई स्पोर्ट्स जर्सी भी शामिल होगी।
इस तरह लें नीलामी में भाग
कुछ अन्य आकर्षणों में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रधानमंत्री को भेंट की गई रानी कमला पति की मूर्ति और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा भेंट किया गया त्रिशूल के अलावा अयोध्या से पवित्र मिट्टी युक्त अमृत कलश शामिल हैं। ई-नीलामी में भाग लेने के लिए आम जनता को 17 सितंबर यानि आज सुबह 10 बजे से 2 अक्टूबर 2022 के बीच इस लिंक- https://pmmementos.gov.in/ पर लॉग ऑन करने के आप भी ई नीलामी में भाग ले सकते हैं। ऑनलाइन नीलामी में भाग लेने के लिए इच्छुक खरीदारों को इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा और पंजीकरण केवल भारतीयों के लिए ही खुला है।
यहां खर्च होगी नीलामी में मिलने वाली धनराशि
पहली बार जनवरी 2019 में पीएमओ द्वारा शुरू की गई, यह श्रृंखला की चौथी नीलामी होगी। पूर्व की भांति नीलामी से प्राप्त राशि से 'नमामि गंगे कार्यक्रम' को लाभ होगा। ई-नीलामी से प्राप्त राशि गंगा नदी के संरक्षण और कायाकल्प के उद्देश्य से नमामि गंगे अभियान को प्रदान की जाएगी। पीएम मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने "नमामि गंगे" के माध्यम से देश की जीवन रेखा- गंगा नदी के संरक्षण के नेक काम के लिए मिलने वाले सभी उपहारों को नीलाम करने का फैसला किया है।

