2600 बेड, मां-बच्चों के लिए अलग से फ्लोर, जानें सबसे बड़े प्राइवेट अस्पताल की खासियत

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 24, 2022, 12:38 PM IST

PM Modi Inaugurate Amrita Hospital in Faridabad: अमृता अस्पताल का निर्माण माता अमृताआनंदमयी मठ द्वारा कराया गया है। यहां पर 500 से ज्यादा क्रिटिकल केयर बेड होंगे। इसके अलावा 64 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होंगे। इसके अलावा पूरी तरह से स्वचालित रोबोट प्रयोगशाला से यहां मरीजों का इलाज किया जाएगा।

2600 बेड, मां-बच्चों के लिए अलग से फ्लोर, जानें सबसे बड़े प्राइवेट अस्पताल की खासियत

PM Modi  Inaugurate  Amrita Hospital in Faridabad: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत के प्राइवेट क्षेत्र के सबसे बड़े मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल का हरियाणा के फरीदाबाद में उद्घाटन कर दिया है। अमृता अस्पताल का निर्माण माता अमृताआनंदमयी मठ द्वारा कराया गया है। अस्पताल में ऑन्कोलॉजी, कार्डियक साइंस, गैस्ट्रो-साइंसेस, रीनल साइंस, न्यूरोसाइंसेस, हड्डी रोग और स्ट्रोक, ट्रांसप्लांट और मां व बच्चे जैसे डिपॉर्टमेंट तैयार किए गए है। अपने पूर्ण निर्माण के बाद 2600 बेड की सुविधा होगी। तो आइए जानते हैं देश के सबसे बड़े मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल की क्या खासियत हैं..

6000 करोड़ है लागत

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हरियाणा के फरीदाबाद  के सेक्टर-88 में स्थित यह अस्पताल 130 एकड़ में बनाया जा रहा है। कुल 2,600 बेड वाले अस्पताल में 8 सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस, 81 स्पेशियलिटी सुविधाएं होंगी। यहां  एक फोर स्‍टार होटल, एक मेडिकल कॉलेज, एक नर्सिंग कॉलेज, संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान के लिए एक कॉलेज, एक पुनर्वास केंद्र, रोगियों के लिए एक हेलीपैड और कई अन्य सुविधाओं के साथ रोगियों के परिवार के लोगों के लिए 498 कमरों वाला गेस्टहाउस भी होगा।

पहले चरण में 24 अगस्त को इस अस्‍पताल में 500 बेड के साथ शुरू किया गया है। इसके बाद अगले वर्ष यह बढ़कर 750 और पांच वर्ष में 1000 बेड की सुविधा तैयार हो जाएगी। आगामी 10 वर्षों में इस पूरे अस्‍पताल को शुरू किया जाएगा। जिसके बाद यहां 800 डॉक्टर सहित करीब 10 हजार लोगों का स्टाफ मरीजों का इलाज करेगा। यहां पर 500 से ज्यादा क्रिटिकल केयर बेड होंगे। इसके अलावा 64 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होंगे। इसके अलावा पूरी तरह से स्वचालित रोबोट प्रयोगशाला से यहां मरीजों का इलाज किया जाएगा। अस्पताल को बनाने में कुल 6000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

एक पूरा फ्लोर मां और बच्चों के लिए

सात फ्लोर वाले अस्पताल में एक पूरा फ्लोर मंजिल मां और बच्चे की देखभाल, भ्रूण और प्रजनन देखभाल और उच्च जोखिम वाली प्रसूति के लिए  होगा। इसमें नर्सरी और नवजात गहन देखभाल की 40 बेड यूनिट होगे। यहां पर मरीजों का लीवर, किडनी, हृदय, फेफड़े, श्वासनली, वोकल कॉर्ड, आंत, अग्न्याशय, त्वचा, हड्डी, चेहरे और अस्थि मज्जा का प्रत्यारोपण भी होगा। इसके अलावा यहां पर मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों के प्रशिक्षण के लिए एक अत्याधुनिक रोबोटिक्स, हैप्टिक, सर्जिकल-मेडिकल सिमुलेशन सेंटर होगा।

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