IAF C-17 : ऑपरेशन गंगा से जुड़ा IAF का C-17, तड़के 4 बजे रोमानिया के लिए हुआ रवाना

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 2, 2022, 06:58 AM IST

Evacuation of Indian ntionals : यूक्रेन पर 24 फरवरी को रूस ने हमला बोला। इसके बाद 26 फरवरी को विशेष विमान के जरिए पहली बार नागरिकों एवं छात्रों को निकाला गया। पहला विमान 219 यात्रियों को लेकर मुंबई पहुंचा। ।

IAF C-17 : ऑपरेशन गंगा से जुड़ा IAF का C-17, तड़के 4 बजे रोमानिया के लिए हुआ रवाना
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Russia Ukraine War : यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों एवं छात्रों को सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए भारतीय वायु सेना (IAF) का परिवहन विमान सी-17 बुधवार सुबह करीब 4 बजे गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट से रोमानिया के लिए रवाना हुआ। बड़ी संख्या में भारतीय छात्र और नागरिक यूक्रेन के पड़ोसी देशों रोमानिया, पोलैंड और हंगरी सीमा पर पहुंचे हैं। भारत सरकार अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए ऑपरेशन गंगा चला रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश के बाद अब इस मिशन से वायु सेना भी जुड़ गई है। 

यूक्रेन के पड़ोसी देशों में जाएंगे आईएएफ के विमान
वायु सेना के इस मिशन से जुड़ने से लोगों को स्वदेश लाने की प्रक्रिया तेज होगी। भारत सरकार के चार मंत्री यूक्रेन के पड़ोसी चार देशों में मौजूद हैं और वे अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं। वायु सेना के विमान युद्धग्रस्त यूक्रेन के लिए राहत एवं मानवीय मदद लेकर भी जाएंगे। यूक्रेन पर गत 24 फरवरी को रूस ने हमला बोला। यूक्रेन में स्थिति बिगड़ने पर भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की। कीव एवं अन्य शहरों में हालात बिगड़ने पर नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा मिशन की शुरुआत हुई।

26 फरवरी को पहला विमान मुंबई पहुंचा
यूक्रेन से 26 फरवरी को विशेष विमान के जरिए पहली बार नागरिकों एवं छात्रों को निकाला गया। पहला विमान 219 यात्रियों को लेकर मुंबई पहुंचा। इसके बाद यूक्रेन के पड़ोसी देशों से कई विमान भारत आ चुके हैं। भारतीय नागरिकों को मदद करने के लिए पौलैंड, रोमानिया, हंगरी और स्लोवाकिया में चौबीस घंटे कंट्रोल सेंटर काम कर रहे हैं। भारत सरकार मालदोवा से भी अपने नागरिकों को निकालने जा रही है। यहां भी विदेश मंत्रालय की टीम पहुंच गई है और नागरिकों को निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 

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केंद्र सरकार के 4 मंत्री तैनात
यूक्रेन में फंसे नागरिकों की मदद करने के लिए सरकार ने (@opganga) नाम से ट्विटर हैंडल शुरू किया है। कीव स्थित भारतीय दूतावास ने नागरिकों से कहा है कि वे सीमा पर मौजूद सरकार के अधिकारियों के साथ समन्वय करने के बाद ही किसी देश की सीमा की तरफ बढ़ें। केंद्र सरकार के 4 मंत्रियों को ऑपरेशन गंगा में लगाया गया है।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी हंगरी, किरन रीजीजू स्लोवाकिया, वीके सिंह पोलैंड और ज्योतिरादित्य सिंधिया रोमानिया एवं मालदोवा में मिशन की निगरानी कर रहे हैं। यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए पीएम मोदी हाल के दिनों में कई बार उच्च स्तरीय बैठकें कर चुके हैं। 

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राजधानी कीव में अब कोई भारतीय नहीं-विदेश मंत्रालय 
यूक्रेन संकट पर विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि भारतीयों को निकालने के लिए अफसर भेजे गए हैं। कीव से सभी भारतीयों को निकाला गया है। वहां पर अब कोई भारतीय नहीं है। यूक्रेन के पड़ोसी देशों में 25 अफसर भेजे गए हैं। विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया कि अगले तीन दिनों में भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए 26 उड़ानें निर्धारित की गई हैं। बुखारेस्ट और बुडापेस्ट के अलावा, पोलैंड और स्लोवाकिया गणराज्य के हवाई अड्डों का भी उपयोग निकासी उड़ानों के संचालन के लिए किया जाएगा। 

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