बड़ी खुशखबरी! अब महिला ऑफिसरों को भी सेना में मिलेगा स्थाई कमिशन, मोदी सरकार ने जारी किया आदेश

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 23, 2020, 06:39 PM IST

permanent commission for women officers in army: भारतीय सेना में महिला अधिकारियों को लेकर बड़ी खुशखबरी सामने आई है, सरकार ने सेना में महिला अधिकारियों के लिये स्थायी कमीशन का आदेश जारी कर दिया है।

बड़ी खुशखबरी! अब महिला ऑफिसरों को भी सेना में मिलेगा स्थाई कमिशन, मोदी सरकार ने जारी किया आदेश

नयी दिल्ली: भारतीय सेना (Indian Army) ने कहा कि सरकार ने बल में महिला अधिकारियों (women officers) को स्थायी कमीशन (permanent commission) देने के लिये आदेश जारी कर दिया है। सेना के प्रवक्ता कर्नल अमन आनंद ने कहा कि सरकारी आदेश से सेना में बड़ी भूमिकाओं में महिला अधिकारियों की भागीदारी का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने कहा, 'यह आदेश भारतीय सेना के सभी 10 अंगों में शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने का निर्देश देता है।' कर्नल आनंद ने कहा कि जिन दस अंगों में महिला अधिकारियों के लिये स्थायी कमीशन उपलब्ध रहेगा उनमें, सैन्य वायु रक्षा, सिग्नल, इंजीनियर, सैन्य विमानन, इलेक्ट्रॉनिक एवं मैकेनिकल इंजीनियर, सैन्य सेवा कोर और खुफिया कोर शामिल हैं।

वर्तमान में उपलब्ध सेना में न्यायाधीश और महाधिवक्ता तथा सैन्य शिक्षा कोर में कमीशन के अलावा उक्त व्यवस्था होगी।अभी तक आर्मी में  शॉर्ट सर्विस कमीशन में सेवा दे चुके पुरुष सैनिकों को ही स्थायी कमीशन का विकल्प मिल रहा था, लेकिन महिलाओं को यह हक नहीं था।

गौरतलब है कि सेना में महिला अफसरों को स्थायी कमिशन पर रखने की मांग काफी वक्त से की जा रही थी, मामला सुप्रीम कोर्ट भी गया और शीर्ष कोर्ट ने इस मामले को लेकर केंद्र सरकार को लताड़ लगाई थी, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को तीन महीने का मौका दिया था, सुप्रीम कोर्ट ने इस साल फरवरी में महिलाओं के पर्मानेंट कमिशन देने का फैसला सुनाया था।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सेना में महिलाओं को पुरुष अफसरों से बराबरी का अधिकार मिला, जिसे अब रक्षा मंत्रालय की मजूरी मिली है वहीं एयरफोर्स और नौसेना में महिला अफसरों को पहले से ही स्थायी कमीशन मिल रहा है। 

खासा भेदभाव था इस व्यवस्था में जो अब होगा दूर 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सभी नागरिकों को अवसर की समानता, लैंगिक न्याय का सिद्धांत सेना में महिलाओं की भागीदारी का मार्गदर्शन करेगा। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने भी युद्ध अभियानों के लिए महिला अफसरों को स्थाई नियुक्ति की इजाजत नहीं दी थी। अभी तक शॉर्ट सर्विस कमीशन की वजह से महिलाएं सेना में 14 वर्ष तक की काम कर पाती थीं।

कुछ महिला अधिकारियों को एक्सटेंशन मिला था लेकिन उन्हें भी स्थायी कमीशन नहीं दिया गया था। इस मामले में 2010 में ही दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला दिया था कि शार्ट सर्विस कमीशन के जरिए सेना में भर्ती हुई महिलाएं भी पुरुषों की तरह स्थायी कमीशन की हकदार हैं।

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