मायावती ने भागवत के मदरसे दौरे पर बीजेपी से किया सवाल, पूछा- क्या मुसलमानों के प्रति आपका नकारात्मक रवैया बदलेगा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 23, 2022, 06:14 PM IST

Mohan Bhagwat: मुस्लिम समुदाय तक अपनी पहुंच को आगे बढ़ाते हुए आरएसएस प्रमुख ने गुरुवार को दिल्ली में एक मस्जिद और एक मदरसे का दौरा किया था। साथ ही उन्होंने अखिल भारतीय इमाम संगठन के प्रमुख उमर अहमद इलियासी के साथ चर्चा की थी, जिन्होंने उन्हें 'राष्ट्रपिता' कहा था।

मायावती ने भागवत के मदरसे दौरे पर बीजेपी से किया सवाल, पूछा- क्या मुसलमानों के प्रति आपका नकारात्मक रवैया बदलेगा
Photo Credit: ANI

Mohan Bhagwat: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के गुरुवार को एक मस्जिद के दौरे के बाद उन्होंने संघ परिवार पर तंज कसा। मायावती ने ट्वीट कर कहा कि योगी सरकार खुले में नमाज बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। क्या आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के दिल्ली में एक मस्जिद और मदरसे का दौरा करने के बाद मुसलमानों के प्रति बीजेपी और उसकी सरकारों के 'नकारात्मक रवैये' में कोई बदलाव आएगा?

मायावती ने मोहन भागवत के मदरसे दौरे पर बीजेपी से किया सवाल

आरएसएस प्रमुख ने गुरुवार को दिल्ली में एक मस्जिद और एक मदरसे का किया था दौरा

मुस्लिम समुदाय तक अपनी पहुंच को आगे बढ़ाते हुए आरएसएस प्रमुख ने गुरुवार को दिल्ली में एक मस्जिद और एक मदरसे का दौरा किया था। साथ ही उन्होंने अखिल भारतीय इमाम संगठन के प्रमुख उमर अहमद इलियासी के साथ चर्चा की थी, जिन्होंने उन्हें 'राष्ट्रपिता' कहा था।

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर कहा कि आरएसएस प्रमुख श्री मोहन भागवत द्वारा कल दिल्ली स्थित मस्जिद/मदरसे में जाकर उलेमाओं से मुलाकात करने और फिर उनसे अपने आपको 'राष्ट्रपिता' व 'राष्ट्र ऋषि' कहलवाने के बाद क्या बीजेपी व इनकी सरकारों का मुस्लिम समाज व उनके मस्जिद-मदरसों के प्रति नकारात्मक रुख व बर्ताव में बदलाव आएगा?

वहीं एक दूसरे ट्वीट में मायावती ने योगी आदित्यनाथ की सरकार पर तंज कसा। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि यूपी सरकार खुली जगह में कुछ मिनट की अकेले में नमाज पढ़ने की मजबूरी को भी सहन नहीं कर पा रही है तथा सरकारी मदरसों की उपेक्षा करते हुए निजी मदरसों में भी हस्तक्षेप पर उतारू है, किन्तु आरएसएस प्रमुख की इस बारे में गहरी चुप्पी के क्या मायने निकल रहे हैं इस पर भी वे जरूर गौर करें।
 

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