Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र से पहले लोकसभा अध्यक्ष ने की सर्वदलीय बैठक, कई पार्टियों के सांसद रहे नदारद

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 16, 2022, 08:14 PM IST

Parliament Monsoon Session: सूत्रों ने कहा कि केंद्र सरकार मानसून सत्र के दौरान कई विधेयकों को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी और इसके विधायी एजेंडे में पारित होने के लिए 24 विधेयक शामिल हैं। मानसून सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान होगा।

Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र से पहले लोकसभा अध्यक्ष ने की सर्वदलीय बैठक, कई पार्टियों के सांसद रहे नदारद
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Parliament Monsoon Session: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद के मानसून सत्र में सदन के सुचारू कामकाज पर चर्चा के लिए शनिवार को राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक की। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 18 जुलाई से शुरू हो रहे सत्र की तैयारियों के बारे में नेताओं को जानकारी दी। स्पीकर ओम बिरला की ओर से बुलाई गई इस बैठक में कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी, डीएमके सांसद टीआर बालू, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी, बीजेपी सांसद अर्जुन राम मेघवाल, वाईएसआरसीपी सांसद पीवी मिथुनरेड्डी, आरएलजेपी सांसद पशुपति कुमार पारस और दूसरी पार्टियों के कई सांसद मौजूद थे। हालांकि इस दौरान कई पार्टियों के सांसद नदारद भी रहे। 

लोकसभा अध्यक्ष ने मानसून सत्र से पहले की सर्वदलीय बैठक

कई पार्टियों के सांसद रहे नदारद

सूत्रों ने कहा कि केंद्र सरकार मानसून सत्र के दौरान कई विधेयकों को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी और इसके विधायी एजेंडे में पारित होने के लिए 24 विधेयक शामिल हैं। मानसून सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान होगा। कुछ बिल जो लंबित सूची में हैं, उनमें द इंडियन अंटार्कटिका बिल, 2022 शामिल हैं। ये बिल लोकसभा में लंबित है। वहीं अंतर-राज्यीय नदी जल विवाद (संशोधन) विधेयक, 2019 लोकसभा द्वारा पारित किया गया था और आगामी सत्र में इसे राज्यसभा में पेश किए जाने की संभावना है।

मानसून सत्र के दौरान व्यक्तियों का दुर्व्यापार (संरक्षण, देखभाल एवं पुनर्वास) विधेयक पेश किया जाएगा, जिसमें मानव और खासतौर पर महिलाओं एवं बच्चों की तस्करी की रोकथाम तथा इससे निपटने का प्रावधान किया गया है। लोकसभा के एक बुलेटिन के अनुसार व्यक्तियों का दुर्व्यापार (संरक्षण, देखभाल एवं पुनर्वास) विधेयक चर्चा एवं पारित करने के लिये संसद में पेश किया जाएगा। प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य व्यक्तियों खास तौर पर महिलाओं एवं बच्चों के दुर्व्यापार को रोकना, पीड़ितों के अधिकारों का सम्मान करते हुए उनकी देखभाल, संरक्षण, सहायता एवं पुनर्वास का प्रबंध करना है।

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