Chhath Puja: श्रद्धालुओं ने दिया उगते सूरज को अर्घ्य, आस्था के लोकपर्व छठ का हुआ समापन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 11, 2021, 08:12 AM IST

Chhath Puja: आस्था के लोकपर्व छठ का आज उगते सूरज को अर्घ्य देने के साथ ही समापन हो गया है। सुबह से ही नदियों, तालाबों और घाटों पर व्रतियों की भीड़ उमड़ी हुई थी।

Chhath Puja: श्रद्धालुओं ने दिया उगते सूरज को अर्घ्य, आस्था के लोकपर्व छठ का हुआ समापन

नई दिल्ली: आस्था के महापर्व छठ (Chhath Puja 2021) का आज उगते सूर्य को अर्घ्य देने (Arghya to the rising sun) के साथ ही समापन हो गया है। चार दिनों तक चले इस पर्व के आखिरी दिन आज सुबह से ही देश भर से छठ पूजा की तस्वीरें सामने आई। दिल्ली से लेकर पटना और मुंबई तक छठ की छटा बिखरी हुई नजर आई। सुबह से ही नदियों, तालाबों और घाटों पर व्रतियों की भीड़ उमड़ी दिखाई दी और श्रद्धालु सूर्य को अर्घ्य देने के लिए सुबह से ही उमड़े रहे। दरअसल छठी मइया के पर्व में सूर्य को अर्घ्य देने का खासा महत्व है।

36 घंटे का लंबा व्रत हुआ समाप्त

दिल्ली, यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों तस्वीरें और वीडियोज सामने आ हे हैं जिसमें लोग नदी किनारे खड़े होकर उगते सूरज को अर्घ्य दे रहे हैं। दिल्ली के कालिंदी कुंज में आज भी श्रद्धालु यमुना के जहरीले झाग के बीच खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य चढ़ाते हुए नजर आए। देशभर में छठ व्रतधारियों ने सूर्य को अर्घ्य देने के बाद एक-दूसरे को प्रसाद देकर बड़े- बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया और घर पहुंचकर 36 घंटे का अपना लंबा व्रत खोला। कहा जाता है कि अगर विधि-विधान के साथ छठ पूजा की जाए तो सूर्य को अर्घ्य देने से सभी मनोकामना पूरी होती है।

बड़ी संख्या में नजर आए श्रद्धालु

दिल्ली में डीडीएमए की रोक के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आईटीओ और सोनिया विहार के पास यमुना नदी के किनारे बने घाटों पर छठ पूजा की और उगते सूरज को अर्घ्य देकर अपना व्रत खोला। सांसद मनोज तिवारी और परवेश वर्मा सहित भाजपा नेताओं के नेतृत्व में बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाटों पर पहुंचे। हालांकि, प्रशासन के लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इससे पहले टाइम्स नाउ समिट में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पार्टियों को त्योहार पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। वह स्वयं किदवई नगर और राजा बाजार इलाकों में आयोजित छठ पूजा में शामिल हुए।

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