Kisan Gantantra Parade: ट्रैक्टर रैली पर किसानों और दिल्ली पुलिस के बयान में एका नहीं, सस्पेंस अभी बरकरार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 23, 2021, 11:04 PM IST

26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली के संबंध में किसान नेताओं का कहना है कि दिल्ली पुलिस के साथ उनकी सहमति बन चुकी है। लेकिन दिल्ली पुलिस का कुछ और ही कहना है।

Kisan Gantantra Parade: ट्रैक्टर रैली पर किसानों और दिल्ली पुलिस के बयान में एका नहीं, सस्पेंस अभी बरकरार

नई दिल्ली। 26 जनवरी को दिल्ली की सड़कों पर ट्रैक्टर रैली के संबंध में किसान संगठनों का कहना है कि वो ट्रैक्टर रैली निकालेंगे। इस संबंध में स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव  ने कहा कि किसान 26 जनवरी को 'किसान गणतंत्र परेड' निकालेंगे। बैरिकेड्स खोले जाएंगे और हम दिल्ली में प्रवेश करेंगे। हम (किसान और दिल्ली पुलिस) मार्ग पर एक समझौते पर पहुंच गए हैं। रूट के बारे में अंतिम फैसला ले लिया जाएगा। हम एक ऐतिहासिक और शांतिपूर्ण परेड निकालेंगे और गणतंत्र दिवस परेड या सुरक्षा व्यवस्था पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह बात अलग है कि दिल्ली पुलिस का कहना है कि किसानों की तरफ से लिखित में कुछ भी नहीं मिला है। 

दिल्ली पुलिस का क्या है कहना
किसान संगठनों कहना है कि ट्रैक्टर रैली के साथ साथ परेड की लंबाई और रूट के संबंध में दिल्ली पुलिस से सहमति बन गई है। लेकिन पुलिस का कहना है कि इस संबंध में किसान संगठनों की तरफ से लिखित में कुछ भी नहीं मिला है। आंदोलनरत किसान संगठन जब लिखित में जानकारी देंगे उसका विश्लेषण करने के बाद फैसला लिया जाएगा।



अनुशासित तरीके से निकालेंगे ट्रैक्टर रैली

भारतीय किसान यूनियन के गुरनाम सिंह चादुनी ने कहा कि मैं परेड में भाग लेने वाले किसानों से अनुशासन बनाए रखने और समिति द्वारा जारी निर्देश का पालन करने की अपील करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि किसान नेता भी नहीं चाहते हैं कि उनकी रैली से अंतरराष्ट्रीय जगत में देश की छवि को धक्का लगे। उनकी रैली अनुशासन के दायरे में रहेगी। किसान पूरी तरह से तय नियमों के दायरे में ही ट्रैक्टर रैली निकालेंगे।


आउटर रिंग रोड पर परेड के लिए अड़े थे किसान
बता दें कि किसान संगठन राजधानी के आउटर रिंग रोड पर ट्रैक्टर परेड के लिए अड़े हुए थे। लेकिन दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया था कि गणतंत्र दिवस की वजह से उनके लिए सुरक्षा दे पाना संभव नहीं हो सकेगा और आउटर रिंग रोड की जगह अलग अलग रूट्स के विकल्प दिए थे। यह बात अलग है कि दिल्ली पुलिस के साथ कई दौर की बातचीत के बाद भी किसी तरह का अंतिम नतीजा नहीं निकल पाया था। इस संबंध में शनिवार को होने वाली बैठक पर हर किसी की नजर थी।

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