अमित शाह का बड़ा बयान- अगले कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर में CRPF की आवश्यकता नहीं होगी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 20, 2022, 07:21 AM IST

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की प्रशंसा करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में फोर्स की जरूरत नहीं रह जाएगी।

अमित शाह का बड़ा बयान- अगले कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर में CRPF की आवश्यकता नहीं होगी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की और कहा कि फोर्स की सबसे बड़ी उपलब्धि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को नियंत्रित करना है। जम्मू के मौलाना आजाद स्टेडियम में सीआरपीएफ के 83वें स्थापना दिवस को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के भारत के प्रधानमंत्री बनने के बाद जम्मू-कश्मीर की स्थिति में सुधार हुआ है। जम्मू-कश्मीर में सबसे बड़ी उपलब्धि वह अपार सफलता है जो हमारे बलों ने राज्य में आतंकवाद को नियंत्रित करने में हासिल की है।

शाह ने यह भी कहा कि बल के कर्मियों ने लोगों को राहत की सांस देकर सुरक्षा और सुरक्षा की भावना प्रदान की है। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ ने लंबे समय से भारत में लोगों को सुरक्षा और सुरक्षा की भावना प्रदान करने का काम किया है। सीआरपीएफ जवानों ने देश के मुश्किल हालात में लोगों को राहत की सांस दी है। 

उन्होंने कश्मीर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद, नक्सलवाद और पूर्वोत्तर में उग्रवादी ताकतों के खिलाफ लड़ाई में अहम भूमिका निभाने के लिए सीआरपीएफ की प्रशंसा की। सीआरपीएफ न केवल एक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है बल्कि देश का हर बच्चा इसे अपनी बहादुरी और साहस के लिए प्यार करता है। जब भी देश में कहीं भी दंगे होते हैं, सीआरपीएफ की तैनाती लोगों को संतुष्टि देती है। चाहे वह मध्य भारत का नक्सल प्रभावित क्षेत्र हो, कश्मीर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद हो या पूर्वोत्तर में उग्रवादी ताकतें, सीआरपीएफ ने ऐसे समूहों को खत्म करने और तीनों क्षेत्रों में शांति बहाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सीआरपीएफ ने देशभर में एक सराहनीय भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ वर्षों में तीन क्षेत्रों में सीआरपीएफ को फिर से तैनात करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी।

गृह मंत्री ने कहा कि 1990 के दशक में एक समय था जब पूर्वोत्तर में उग्रवाद और कश्मीर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद अपने चरम पर था और देश में हर कोई चिंतित था। दो दशकों के भीतर, सीआरपीएफ ने अपने समर्पण और दृढ़ संकल्प के साथ देश विरोधी ताकतों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, जो अब खत्म होने के कगार पर हैं।

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