नहीं गई दूसरी लहर-मंडरा रहा तीसरी लहर का खतरा; फिर भी हिमाचल में उमड़े टूरिस्ट, वायरल हुई मनाली की ये तस्वीर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 5, 2021, 09:42 PM IST

Himachal Pradesh Tourism: देश में कोविड-19 की दूसरी लहर में सुधार होने और मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी तथा लू का प्रकोप बढ़ने के मद्देनजर बड़ी संख्या में पर्यटक हिमाचल प्रदेश का रुख कर रहे हैं।

नहीं गई दूसरी लहर-मंडरा रहा तीसरी लहर का खतरा; फिर भी हिमाचल में उमड़े टूरिस्ट, वायरल हुई मनाली की ये तस्वीर
Photo Credit: ANI

नई दिल्ली: अभी कोरोना वायरस की दूसरी लहर का खतरा कम नहीं हुआ है और तीसरी लहर का भी खतरा मंडरा रहा है। लेकिन मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी से त्रस्त लोग बड़ी संख्या में हिमाचल प्रदेश पहुंच रहे हैं। कोविड-19 के मामलों में कमी आते ही राज्यों सरकारों ने छूट देना शुरू कर दिया। इसी का फायदा उठाकर लोग गर्मी से राहत पाने के लिए हिमाचल प्रदेश का रुख कर रहे हैं। लोग बड़ी संख्या में शिमला, कुफरी, नारकंडा, डलहौजी, मनाली, लाहौल और पहाड़ी राज्य के अन्य पर्यटन स्थलों की ओर जा रहे हैं।

दिल्ली के एक पर्यटक ने कहा कि जैसा कि ऐसी खबरें हैं कि कोविड 19 की तीसरी लहर आएगी, इसलिए हमने इस नो लॉकडाउन अवधि का उपयोग करने का फैसला किया है। पर्यटन विभाग के निदेशक अमित कश्यप ने कहा, 'जून में कोविड 19 प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बाद अब तक राज्य में लगभग 6 से 7 लाख पर्यटक आ चुके हैं। देश के उत्तरी हिस्से में लू चलने से पर्यटकों की आमद बढ़ी है।' 

इस बीच सोशल मीडिया पर मनाली की एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें भीड़ से सड़क भरी हुई है। इस पर लोगों की खूब प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। एक ने लिखा कि अभी कुछ दिन पहले तक इन लोगों को अस्पताल नहीं मिल रहा था और अब होटल नहीं मिल रहा।  

पर्यटन उद्योग हितधारक संघ के अध्यक्ष मोहिंदर सेठ ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में होटलों में पर्यटकों की संख्या में इजाफा हुआ है, लेकिन अभी आने वाले दिनों में और ज्यादा पर्यटक आ सकते हैं। सप्ताहांत के दौरान होटलों के कमरे करीब 60 से 90 प्रतिशत तक बुक हो जाते हैं जबकि सप्ताह के अन्य दिनों में 40-45 प्रतिशत के बीच ही कमरे बुक हो पाते हैं। शिमला होटल एवं रेस्तरां एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सूद ने कहा कि हाल ही में हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करने के लिए निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट और ई-कोविड पास की शर्त को वापस लेने से राज्य के पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिला है।

धर्मशाला में भी पर्यटकों की आमद बढ़ी है। पंजाब के होशियारपुर के एक पर्यटक ने कहा, 'मैं भीड़-भाड़ वाली जगहों से बच रहा हूं और फेस मास्क पहन रहा हूं, लेकिन बहुत से लोग इन मानदंडों का पालन नहीं कर रहे हैं, इसलिए यह काफी जोखिम भरा है।' ट्रैवल एजेंट बिपन कटोच ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि कोविड की दूसरी लहर अभी खत्म हुई है। पर्यटकों की बढ़ती आमद ने यहां जोखिम बढ़ा दिया है। सरकार को पाबंदियां लगानी होंगी लेकिन साथ ही लोगों को भी छूट देनी होगी। 

प्रदेश में पर्यटकों की बढ़ती हुई संख्या के बीच राज्य सरकार के सामने हालांकि यह चुनौती आ गयी है कि वह सभी लोगों द्वारा कोविड-19 संबंधी दिशा-निर्देशों की समुचित पालना सुनिश्चित करे।

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