ED Big action on PFI: प्रवर्तन निदेशालय ने 'मनी लॉड्रिंग केस' में पीएफआई के बैंक खातों को किया 'कुर्क'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 1, 2022, 10:03 PM IST

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जानकारी दी कि उसने एक चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के बैंक खातों को कुर्क कर दिया है। एजेंसी ने पीएफआई के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में खातों को कुर्क कर दिया है।

ED Big action on PFI: प्रवर्तन निदेशालय ने 'मनी लॉड्रिंग केस' में पीएफआई के बैंक खातों को किया 'कुर्क'

नई दिल्ली:  प्रवर्तन निदेशालय (ED)ने मनी लॉड्रिंग  ( money laundering) में इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI)और एक संबद्ध संगठन रिहैब इंडिया फाउंडेशन  (Rehab India Foundation) के कम से कम 33 बैंक खातों को कुर्क किया है अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

खातों में 68 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा है। अधिकारियों ने कहा कि धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पीएफआई के 23 खाते हैं, जिनमें 59,12,051 रुपये हैं और रिहैब इंडिया फाउंडेशन के 10 खातों में 9,50,030 रुपये हैं। इस्लामिक संगठन का गठन 2006 में केरल में हुआ था और इसका मुख्यालय दिल्ली में है।

ED ने एक ट्वीट में कहा कि उसने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और रिहैब इंडिया फाउंडेशन  के बैंक खातों को कुर्क कर लिया है-

ईडी ने राज्य पुलिस और NIA द्वारा दर्ज मामलों के आधार पर पीएफआई के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उन मामलों पर काम करते हुए, ईडी ने पाया है कि संगठन के विभिन्न सदस्यों ने मुन्नार घाटी परियोजना और मध्य पूर्व में बार सहित कई परियोजनाओं को वित्तपोषित करने के लिए अपराध की आय का उपयोग किया था।

केंद्रीय एजेंसी ने कहा है कि चूंकि इन बैंक खातों में अपराध की आय है, इसलिए इसे धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत फ्रीज कर दिया गया है। इससे पहले ईडी ने पीएफआई के कुछ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था और मामले में कुछ संपत्तियों को कुर्क किया था। ईडी ने 2018 में मामला दर्ज किया था। 2020 में, एजेंसी ने नौ राज्यों में कई स्थानों पर छापे मारे, जो कथित तौर पर पीएफआई से जुड़े थे।

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