Maharashtra Coronavirus: महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस वेरिएंट के 21 केस, तीसरी लहर का मंडराया खतरा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 21, 2021, 10:37 PM IST

Delta plus variant: महाराष्ट्र में कोरोना वायरस को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ सकती है। यहां डेल्टा प्लसे वेरिएंट के 21 नए मामले सामने आए हैं। ये वेरिएंट तीसरी लहर पैदा कर सकता है।

Maharashtra Coronavirus: महाराष्ट्र में डेल्टा प्लस वेरिएंट के 21 केस, तीसरी लहर का मंडराया खतरा
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नई दिल्ली: महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया है कि राज्य में कोविड 19 के डेल्टा प्लस वेरिएंट के 21 मामलों का पता चला है। रत्नागिरी में 9,  जलगांव में 7, मुंबई में 2, पालघर, सिंधुदुर्ग और ठाणे में डेल्टा प्लस वेरिएंट का 1-1 मामला है।

टोपे का ये बयान तब आया है जब महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग द्वारा चेतावनी दी गई थी कि डेल्टा प्लस वेरिएंट राज्य में कोरोना वायरस की तीसरी लहर पैदा सकता है। विभाग द्वारा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को दी गई एक प्रस्तुति में अनुमान लगाया गया कि सक्रिय रोगियों की संख्या आठ लाख तक पहुंच सकती है, जबकि उनमें से 10 प्रतिशत बच्चे हो सकते हैं। एक अधिकारी ने पिछले हफ्ते महाराष्ट्र के सीएम को प्रेजेंटेशन के दौरान कहा था, 'डेल्टा प्लस वेरिएंट महाराष्ट्र में तीसरी लहर पैदा कर सकता है। यह दोगुनी दर से फैल सकता है।' इससे पहले वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी थी कि SARS-CoV-2 के अत्यधिक ट्रांसमिसेबल डेल्टा वेरिएंट ने डेल्टा प्लस या AY.1 वेरिएंट बनाने के लिए और अधिक म्यूटेट किया है।  

वैज्ञानिक शोधों का हवाला देने वाली रिपोर्टों के अनुसार, डेल्टा प्लस वेरिएंट डेल्टा या बी.1.617.2 वेरिएंट का म्यूटेशन है, जो पहली बार भारत में मिला था और घातक दूसरी लहर के पीछे सबसे बड़े कारणों में से एक था। 

इस वेरिएंट से कितना खतरा

जानकार बता रहे हैं कि डेल्टा प्लस भारत में कोविड-19 के लिए ऑथराइज्ड मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कॉकटेल का प्रतिरोधी है। यह वेरिएंट कितना संक्रामक है इसका पता लगाना बेहद जरूरी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह कितने तेजी से फैल सकता है। जानकार यह मानते हैं कि, इस नए म्यूटेशन से संक्रमित लोगों के अंदर बनने वाले न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडीज की क्वालिटी और क्वांटिटी इस नए वेरिएंट से प्रभावित नहीं हो सकती है। इसीलिए अगर कोई इंसान इस वेरिएंट से संक्रमित होता है यह चिंता का विषय नहीं होगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि अभी इस नए वेरिएंट के वजह से भारत में खतरे की घंटी नहीं है। 

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