Delhi: कैसे इलाज करेंगे डॉक्टर्स? अपने ही अस्पताल में डॉक्टर को नहीं मिला बेड, वीडियो बनाकर लगाई गुहार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 18, 2021, 08:02 AM IST

देश में कोरोना से हालात कितने विकट हो गए हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली में एक डॉक्टर तक को अपने अस्पताल में बेड नहीं मिल पाया।

Delhi: कैसे इलाज करेंगे डॉक्टर्स? अपने ही अस्पताल में डॉक्टर को नहीं मिला बेड, वीडियो बनाकर लगाई गुहार

नई दिल्ली: पूरे देश में कोरोना की वजह से हाहाकार सा मचा हुआ है। हर दिन नए मामले और मौत के आकंड़े नया रिकॉर्ड बना रहे हैं। बढ़ते मामलों की वजह से स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है और हालात इतने बिगड़ गए हैं कि अस्पतालों में बेड मिलने मुश्किल हो गए हैं। इतना ही नहीं कई जगह ऑक्सीजन तथा रेमडेसिविर जैसी दवाइयों की किल्लत हो रही है। हालात का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि राजधानी दिल्ली में एक डॉक्टर तक को उस अस्पताल में बेड नहीं मिल पाया जहां वह काम करता था। 

मनीष का वीडियो हुआ वायरल
दिल्ली के प्रसिद्ध राम मनोहर लोहिया अस्पताल (RML Hospital) में काम करने वाले रेजीडेंट डॉक्टर मनीष जांगड़ा जब कोरोना पॉजिटिव हुए तो उनकी हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद जो हुआ वो हैरान करने वाला है। डॉक्टर मनीष को उसी अस्पताल में बेड नहीं मिल पाया जहां वो काम करते हैं। इससे आप अनुमान लगा सकते हैं कि हालत किस कदर बिगड़ गए हैं। डॉक्टर मनीष को जब बेड नहीं मिला तो उन्होंने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया के जरिए गुहार लगाई।

वीडियो सामने आने के बाद मिला बेड

डॉक्टर मनीष का वीडियो वायरल हुआ तो सोशल मीडिया पर लोग उनकी मदद के लिए जुट गए और असर ये हुआ कि मनीष को बेड मिल गया। लेकिन मनीष ने अपने वीडियो में जिस वीआईपी कल्चर की बात की है वो हैरान करती है। मनीष वीडियो में कहते हैं, 'मेरा नाम मनीष जांगड़ा है। मैं आरएमएल हॉस्पिटल में डॉक्टर हूं। यहां पर डॉक्टर होने के बावजूद भी मुझे बेड नहीं मिल रहा है। वीआईपी लोगों ने बेड भर रखे हैं। यहां पर वीआईपी लोगों को ही प्रॉयरिटी दी जाती है। यहां डॉक्टरों को कोई नहीं पूछता है। डॉक्टरों के लिए कुछ करो।'

आपको बता दें कि शनिवार को ही दिल्ली में रिकॉर्ड 24 हजार से अधिक मामले सामने आए हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी के मद्देनजर उप राज्यपाल अनिल बैजल ने शुक्रवार को अधिकारियों को हेल्पलाइन स्थापित करने का निर्देश दिया ताकि अस्पतालों में बेड की उपलब्धता के बारे में लोगों को सूचित किया जा सके।

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