देश के इन 10 जिलों में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा एक्टिव केस, महाराष्ट्र के ही 8 जिले, दिल्ली भी शामिल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 30, 2021, 06:16 PM IST

Coronavirus in India: कोरोना वायरस के बढ़ते लगातार मामलों के बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कोविड-19 संबंधी स्थिति हाल के दिनों में बद से बदतर हुई है, यह बड़ी चिंता का कारण है।

देश के इन 10 जिलों में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा एक्टिव केस, महाराष्ट्र के ही 8 जिले, दिल्ली भी शामिल
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नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस का कहर जारी है। कई राज्यों में लगातार नए मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा स्थिति खराब है। सरकार की तरफ से बताया गया है कि जिन 8 जिलों में सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं, उसमें 8 महाराष्ट्र के हैं। कोविड-19 से सर्वाधिक प्रभावित 10 जिलों में दिल्ली एक जिले के रूप में ली गई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा, 'देशभर में 10 जिले हैं जिनमें सबसे अधिक सक्रिय मामले हैं। ये जिले हैं- पुणे, मुंबई, नागपुर, ठाणे, नासिक, औरंगाबाद, बेंगलुरु शहरी, नांदेड़, दिल्ली और अहमदनगर।'

पंजाब को लताड़ा

उन्होंने कहा, 'जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि हो रही है, वहां जांच को तेजी से बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। पंजाब न तो पर्याप्त संख्या में जांच कर पा रहा है और न ही कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को तत्काल आइसोलेशन में भेज पा रहा है। पंजाब की पॉजिटिविटी रेट लगभग 9% है। इसका अर्थ यह है कि आप प्रर्याप्त संख्या में टेस्ट नहीं कर रहे हैं। जो लोग कोरोना पॉजिटिव है आप उन्हें न तो चिन्हित कर पा रहे हैं और ना ही आप उन्हें आइसोलेट कर पा रहे हैं।'  

सरकारें करें ये उपाय

कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि का सामना कर रहे राज्यों से कहा गया है कि आरटी-पीसीआर पर ध्यान केंद्रित कर जांच संख्या में वृद्धि की जाए, संक्रमित लोगों को तुरंत पृथक किया जाए, संक्रमित लोगों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाया जाए, स्वास्थ्य देखरेख संबंधी संसाधनों को मजबूत किया जाए।

ऐसी ही महाराष्ट्र की स्थिति

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 संबंधी स्थिति हाल के दिनों में बद से बदतर हुई है, यह बड़ी चिंता का कारण है। महाराष्ट्र में 3,37,928 सक्रिय मामले हैं। फरवरी के दूसरे सप्ताह में औसतन एक दिन में 3,000 नए मामले आते थे। आज एक दिन में 34,000 मामले आ रहे हैं। महाराष्ट्र में फरवरी के दूसरे सप्ताह में एक दिन में 32 मृत्यु होती थी, यह बढ़कर 118 हो गई है।

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