जीव जंतुओं में भी फैलने लगा कोरोना वायरस! कोविड-19 से शेर की मौत, सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 1, 2021, 11:45 AM IST

कोरोना वायरस का कहर इस तरह बढ़ रहा है कि इसका प्रसार जानवरों तक पहुंच गया है।  कोरोना से एक शेर की मौत हो गई है। 

जीव जंतुओं में भी फैलने लगा कोरोना वायरस! कोविड-19 से शेर की मौत, सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी
Photo Credit: Representative Image

नई दिल्ली: देश भर में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता ही जा रहा है। पिछले 24 घंटे में कोविड-19 से संक्रमण के सर्वाधिक 4 लाख से अधिक नए मामले सामने आए हैं। यह एक दिन में सबसे ज्यादा है। उपचाराधीन मामलों की संख्या अब 32 लाख के पार हो गई है। इससे भी ज्यादा दुख की बात यह है कि यह वायरस जानवरों में भी फैलने लगा है। कोरोना वायरस से एक शेर की मौत हो गई है। 

केंद्रीय वन एवं पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कोरोना शेर की मौत की पुष्टि की।  केंद्रीय मंत्रालय ने सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी की। राज्यों के सभी राष्ट्रीय उद्यान सेंचुरी, संरक्षित वन क्षेत्र तुरंत प्रभाव से बंद करने की। केंद्रीय वन मंत्रालय के डीआईजी राकेश जगेनिया ने एडवाइजरी जारी की है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के शनिवार सुबह आठ बजे अपडेट किए गए आंकड़ों के अनुसार, कोरोना वायरस संक्रमण के 4,01,993 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,91,64,969 हो गई तथा 3,523 और लोगों की मौत होने के बाद कुल मृतक संख्या बढ़कर 2,11,853 हो गई।

देश में संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और उपचाराधीन लोगों की संख्या बढ़कर 32,68,710 हो गई है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 17.06  प्रतिशत है तथा मरीजों के ठीक होने की दर और गिरकर 81.84 प्रतिशत रह गई है। आंकड़ों के अनुसार, देश में संक्रमण के बाद ठीक हुए लोगों की संख्या बढ़कर 1,56,84,406 हो गई है और मृत्यु दर 1.11 प्रतिशत है।

देश में कोविड-19 के मरीजों की संख्या पिछले साल सात अगस्त को 20 लाख को पार कर गई थी। वहीं, कोविड-19 मरीजों की संख्या 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख और 16 सितंबर को 50 लाख के आंकड़े को पार कर गई थी।

इसके बाद 28 सितंबर को कोविड-19 के मामले 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवंबर को 90 लाख, 19 दिसंबर को एक करोड़ और 19 अप्रैल को कोविड-19 के मामले 1.5 करोड़ से अधिक हो गए थे।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के मुताबिक 30 अप्रैल तक 28,83,37,385 नमूनों की जांच की गई जिनमें से 19,45,299 नमूनों की शुक्रवार को जांच की गई।

End of Article