नई दिल्ली: कोरोना की दूसरी लहर को लेकर विशेषज्ञों ने चेतावनी जारी की है, उनका कहना है कि अगले 15-20 दिनों में कोरोना चरम पर हो सकता है वहीं शनिवार को भारत में कोरोना के 93,000 नए मामले सामने आए हैं पिछले पांच महीने के केसों की बात करें तो ये एक दिन में सबसे ज्यादा मामले हैं वहीं इस दौरान 514 लोगों की मौत भी इस जानलेवा वायरस से हुई है ये होते ही एक बार फिर डेली कोरोना केसों (daily corona cases) के मामले में भारत दुनिया में पहले नंबर पर पहुंच गया ये स्थिति खासी भयावह नजर आ रही है।
भारत में कोरोना की नई लहर तीन गुनी रफ्तार से बढ़ रही है दूसरी लहर में एक दिन में केस 20 हजार से 80 हजार पहुंचने में 20 दिन लगे वहीं पिछले साल पहली लहर के दौरान ऐसा होने में 64 दिन लगे थे। सबसे खराब हाल महाराष्ट्र का है जहां 24 घंटे में 48 हजार के करीब केस आए हैं।
रिसर्च के मुताबिक, अप्रैल के मध्य का वक्त संक्रमण का पीक हो सकता है जब ऐक्टिव केस 7.3 लाख तक जा सकते हैं। वहीं, बदतर हालात में मई के अंत तक एक्टिव केस की संख्या एक बार फिर 20 लाख तक पहुंच सकती है।
इस बार का संक्रमण ज्यादा तेज हो सकता है
वहीं दूसरी लहर के कारण संक्रमितों की संख्या को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार का संक्रमण ज्यादा तेज हो सकता है, भारत में कोविड-19 के मामले 15 से 20 अप्रैल के बीच अपने चरम पर होंगे।
आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने गणितीय मॉडल के आधार पर गणना कर इस बात की चेतावनी जारी की है उन्होंने बताया है कि अगले दो हफ्ते में महाराष्ट्र में भी कोरोना के मामलों तेजी देखने को मिल सकती है।
तो क्या मई से आने लगेगी कोरोना मामलों में गिरावट!
अप्रैल महीने के मध्य तक दूसरी लहर का पीक आ जाएगा यानी इस समय एक दिन में मिल रहे नए मरीजों की संख्या सबसे ज्यादा होगी।
इसके बाद संक्रमण के मामले कम होने लगेंगे। ऐसा सबसे पहले पंजाब और फिर महाराष्ट्र में होगा आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों ने एक गणितीय मॉडल 'सूत्र' के जरिए स्टडी कर यह संभावना जताई है उनके मुताबिक, मई के आखिर तक संक्रमण के मामलों में काफी गिरावट दिख सकती है। 

