प्रियंका गांधी वाड्रा को खाली करना होगा सरकारी आवास, एक महीने का दिया गया समय

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 1, 2020, 07:41 PM IST

Priyanka Gandhi Vadra: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा को आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा एक महीने के भीतर सरकारी बंगला खाली करने को कहा गया है।

प्रियंका गांधी वाड्रा को खाली करना होगा सरकारी आवास, एक महीने का दिया गया समय

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा को उनका बंगला खाली करने को कहा गया है। आधिकारिक आदेश के अनुसार सरकार ने आवंटन रद्द कर दिया है। प्रियंका गांधी को आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा एक महीने के भीतर सरकारी आवास खाली करने को कहा गया है। आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि एसपीजी सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद उन्हें मौजूदा आवास 35 लोधी स्टेट खाली करना पड़ेगा क्योंकि जेड प्लस की श्रेणी वाली सुरक्षा में आवासीय सुविधा नहीं मिलती।

सरकारी नोटिस में कहा गया है कि उनका आवंटन आज से रद्द कर दिया गया है और बकाया के रूप में 3.46 लाख रुपए का बकाया है। नोटिस में, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने कहा कि प्रियंका गांधी को 1997 में उन्हें आवंटित किए गए 35 लोधी स्टेट बंगले को खाली चाहिए क्योंकि अब उनके पास विशेष सुरक्षा समूह (SPG) की सुरक्षा नहीं है।  

प्रियंका गांधी से कहा गया है कि अगर वह 1 अगस्त से आगे रहती हैं, तो उन्हें जुर्माना देना होगा। सरकार ने पिछले साल नवंबर में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली थी तथा उन्हें जेड-प्लस श्रेणी सुरक्षा दी थी। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 1991 में हत्या के बाद से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को दिया गया एसपीजी कवर दिया गया था। 

खुफिया इनपुट के आधार पर लिया गया था फैसला

गृह मंत्रालय ने एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने का फैसला इंटेलिजेंस ब्यूरो एवं रॉ सहित अन्य खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट्स के आधार पर लिया था। सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एसपीजी सुरक्षा हटाने के करीब एक महीने बाद यह कदम उठाया था। सूत्रों का कहना था कि विगत सालों में गांधी परिवार को प्रत्यक्ष रूप से कोई खतरा नहीं रहा है। इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि खतरे के आकलन के आधार पर उनकी सुरक्षा वापस नहीं ली गई है, बल्कि बदल दी गई है। उन्हें सुरक्षा जेड प्लस सीआरपीएफ कवर, एएसएल और एम्बुलेंस के साथ दी गई है।

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