J&K के बाद हिमाचल में INC को झटका! आनंद शर्मा का सूबे की संचालन समिति के प्रमुख पद से इस्तीफा, बोले- लगातार हुआ अपमान

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 21, 2022, 05:51 PM IST

Anand Sharma resigns from post of chairman of Steering Committee for Himachal Assembly Polls: इस बीच, सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया कि सोनिया को लिखे अपने पत्र में शर्मा ने कहा है कि उनके आत्म-सम्मान के साथ किसी प्रकार का तोल-मोल नहीं हो सकता है।

J&K के बाद हिमाचल में INC को झटका! आनंद शर्मा का सूबे की संचालन समिति के प्रमुख पद से इस्तीफा, बोले- लगातार हुआ अपमान
Photo Credit: IANS

Anand Sharma resigns from post of chairman of Steering Committee for Himachal Assembly Polls: कांग्रेस (Congress) के सीनियर नेता आनंद शर्मा ने हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव के लिए बनी स्टीयरिंग कमेटी (संचालन समिति) के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है। रविवार (21 अगस्त, 2022) को उन्होंने पार्टी की अंतरिम चीफ सोनिया गांधी को को अपना त्यागपत्र भेजा।

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, शर्मा ने कांग्रेस चीफ से कहा कि परामर्श प्रक्रिया में उनकी अनदेखी की गई। हालांकि, शर्मा ने यह आश्वासन दिया है कि वह कांग्रेस के कैंडिडेट्स के लिए चुनाव प्रचार में कैंपेनिंग करेंगे। 

इस बीच, सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया कि सोनिया को लिखे अपने पत्र में शर्मा ने कहा है कि उनके आत्म-सम्मान के साथ किसी प्रकार का तोल-मोल नहीं हो सकता है। हिमाचल में विधानसभा चुनाव से पहले शर्मा के इस्तीफे को सियासी गलियारों में पार्टी के लिए बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और संसद के उच्च सदन राज्यसभा में कांग्रेस के उप-नेता शर्मा को 26 अप्रैल को हिमाचल में पार्टी की संचालन समिति के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था।

सबसे रोचक बात है कि हिमाचल में इस अहम पद से शर्मा के इस्तीफे के कुछ रोज पहले मिलता-जुलता कदम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने उठाया था। वह भी जी-23 समूह (कांग्रेस में असंतुष्ट नेताओं का गुट) के एक अन्य नेता हैं, जिन्होंने कथित तौर पर बागी तेवर दिखाते हुए जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था।

शर्मा और आजाद इससे पहले कांग्रेस नेतृत्व के फैसलों की खासा आलोचना कर चुके हैं। भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मनीष तिवारी सहित कई अन्य दिग्गज नेताओं वाला यह समूह ब्लॉक से लेकर केंद्रीय कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) स्तर तक सही तरीके से चुनाव कराने पर जोर देता आया है।  

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