गलवान वैली पर चीन का 'बेसुरा राग', भारत पर अतिक्रमण का लगाया आरोप

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 18, 2020, 07:03 PM IST

China on Galwan valley: ग्लोबल टाइम्स की इस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि भारत गलवान वैली इलाके की सीमा रेखा को पार करते हुए चीनी क्षेत्र में दाखिल हुआ।

गलवान वैली पर चीन का 'बेसुरा राग', भारत पर अतिक्रमण का लगाया आरोप
Photo Credit: PTI

नई दिल्ली : कोविड-19 पर दुनिया के देश चीन को घेरने लगे हैं। इस महामारी के फैलाव की जांच की मांग विश्व स्वास्थ्य संगठन में तेज हो गई है। करीब 60 देशों ने एक स्वतंत्र जांच की मांग वाले प्रस्ताव को डब्ल्यूएचओ में आगे बढ़ाया है। इसमें भारत भी शामिल है। भारत के इस रवैये से चीन तिलमिला गया है। अब उसने भारत पर विवादित अक्साई चीन इलाके के गलवान वैली में बचाव साधनों का 'अवैध निर्माण' करने का आरोप लगाया है। यह आरोप चीन के सरकारी मुख पत्र ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्ट में लगाया गया है।  

ग्लोबल टाइम्स की इस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि भारत गलवान वैली इलाके की सीमा रेखा को पार करते हुए चीनी क्षेत्र में दाखिल हुआ। रिपोर्ट में सूत्र के हवाले से कहा गया है, 'भारत की इस कार्रवाई ने सीमा मसले पर दोनों देशों के समझौतों का गंभीर रूप से उल्लंघन किया है। यही नहीं इससे चीन की क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन होने के साथ-साथ दोनों देशों के सैन्य संबंधों को नुकसान पहुंचा है।'

लद्दाख क्षेत्र में आमने-सामने आए भारत और चीन के सैनिक 
ग्लोबल टाइम्स की यह रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब लद्दाख के दो इलाकों में भारत और चीन की सेना में झड़प की दो घटनाएं हुई हैं। बीते दिनों में पूर्वी लद्दाख और उत्तर सिक्किम में भारत और चीन की सेना आमने-सामने आ गईं। दोनों जगहों पर इनके बीच झड़प हुई जिसमें कुछ जवान चोटिल भी हुए। बता दें कि अक्साई चीन भारतीय इलाका है जिस पर चीन ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। साल 1962 की लड़ाई के बाद चीन इस क्षेत्र में अपना प्रभुत्व कायम रखना चाहता है लेकिन भारतीय फौज उसके मंसूबों को सफल नहीं होने देती है। 

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि सीमा पर मौजूदा हालत को देखते हुए चीन के बॉर्डर डिफेंस के जवानों ने वहां शांति एवं स्थरिता कायम रखन के लिए जरूरी कदम उठाए हैं।

कोविड-19 घिरता देख परेशान है चीन 
भारत जिनेवा में डब्ल्यूएचओ के दो दिन के अहम सम्मेलन में हिस्सा ले रहे 60 देशों की उस मांग का समर्थन किया है जिसमें कोविड-19 संकट की वैश्विक प्रतिक्रिया प्रणाली का 'निष्पक्ष, स्वतंत्र और समग्र' आकलन किए जाने और घातक संक्रमण का 'पशुजन्य स्रोत' का पता लगाने की बात है। भारत की इस पहल पर चीन को परेशानी होनी लगी है। वह नहीं चाहता है कि कोविड-19 पर उसके खिलाफ चलने वाले अभियान का भारत हिस्सा बने। इसलिए इन दिनों वह सीमा पर तनाव बढ़ाकर भारत पर एक तरीके से दबाव बनाना चाहता है। 

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