अभी खत्म नहीं हुआ नंदीग्राम का संग्राम, ममता की अर्जी पर आज कोलकाता HC में सुनवाई

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 18, 2021, 06:55 AM IST

ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट (Nandigram Seat) पर मिली अपनी पराजय को कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती दी है। हाई कोर्ट आज उनकी इस अर्जी पर सुनवाई करेगा। इस सीट पर भाजपा के सुवेंदु अधिकारी विजयी हुए हैं।

अभी खत्म नहीं हुआ नंदीग्राम का संग्राम, ममता की अर्जी पर आज कोलकाता HC में सुनवाई

कोलकाता : बंगाल की नंदीग्राम सीट का संग्राम अभी थमा नहीं है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस सीट पर मिली अपनी हार को कलकत्ता उच्च न्यायालय में चुनौती दी है जिस पर कोर्ट आज सुनवाई करेगा। भाजपा के प्रत्याशी सुवेंदु अधिकारी ने इस सीट पर ममता को करीबी मुकाबले में हराया। दो मई को आए चुनाव नतीजों में चुनाव आयोग ने नंदीग्राम सीट पर सुवेंदु अधिकारी को विजयी घोषित किया।   

टीएमसी ने इस सीट पर वोटों की दोबारा गिनती की मांग की थी 
नंदीग्राम सीट पर मिली पराजय के बाद ममता ने आरोप लगाया कि काउंटिंग के दिन रिटर्निंग ऑफिसर ने वोटों की गिनती दोबारा कराए जाने की मांग की लेकिन उसे धमकी मिली। नंदीग्राम सीट पर ममता भले ही हार गईं लेकिन टीएमसी को राज्य में प्रचंड जीत मिली। राज्य की 294 सीटों वाली विधानसभा में टीएमसी ने 213 सीटों पर जीत दर्ज की। जबकि भाजपा 77 सीटों जीतकर बंगाल में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी। 

ममता ने रिटर्निंग ऑफिसर का दिया हवाला
चुनाव नतीजा आने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए ममता ने कहा था, 'मुझे किसी का एसएमएस मिला जिसमें बताया गया कि नंदीग्राम के रिटर्निंग ऑफिसर ने किसी को लिखा था कि यदि वह इस सीट पर वोटों की दोबारा गिनती की अनुमति देगा तो वह खतरे में आ जाएगा। चार घंटे तक सर्वर डाउन रहा। नंदीग्राम सीट पर जीत के लिए राज्यपाल ने भी मुझे बधाई दी लेकिन अचानक ही सबकुछ बदल गया। मैं कोर्ट जाऊंगी।' 

री-काउंटिंग की इजाजत नहीं मिली
टीएमसी ने नंदीग्राम सीट पर वोटों की गिनती दोबारा करने के लिए चीफी इलेक्टोरल ऑफिसर (सीईओ) को पत्र लिखा था लेकिन अज्ञात कारणों से वोटों की दोबारा गिनती की इजाजत नहीं दी गई। पार्टी ने अपने पत्र में लिखा, 'री-काउंटिंग की इजाजत नहीं देना कानूनी रूप से सही नहीं है। हम चुनावी प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए नंदीग्राम एसी 210 पर वोटों की गिनती दोबारा कराए जाने की मांग करते हैं।'

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