पश्चिम बंगाल: बीजेपी की हार पर प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा- हमने बड़ा लक्ष्य रखा था लेकिन...

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 2, 2021, 08:33 PM IST

BJP State Chief Dilip Ghosh on West Bengal Election Result: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की उम्मीदों के मुताबिक नतीजे नहीं आए। जानिए बीजेपी की हार पर बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने क्या कहा?

पश्चिम बंगाल: बीजेपी की हार पर प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा- हमने बड़ा लक्ष्य रखा था लेकिन...
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नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हार का मुंह देखना पड़ा। बीजेपी को 200 से अधिक सीटें जीतने की उम्मीद थी, लेकिन पार्टी 75 पर सिमट गई। हालांकि, पिछले चुनाव की तुलना में बीजेपी को जबरदस्त सीटों का फायदा हुआ है। दूसरी ओर, ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने लगातार तीसरी बार राज्य की सत्ता पर कब्जा जमाती दिख रही है। टीएमएस ने 215 सीटों पर बढ़त बना रखी है।

बीजेपी की हार पर क्या बोले दिलीप घोष

बंगाल में अपनी पार्टी की हार पर दिलीप घोष ने कहा कि हमने बड़ा टार्गेट रखा, लेकिन उसे हासिल करने में सफल नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि बीजेपी से चुनाव में चूक कहां हुई इसपर हम चर्चा करेंगे और आगे बढ़ेंगे। पिछले चुनाव में हमने 3 सीटें जीतीं थी, इस बार हमने 80 के आस-पास सीटें जीतीं हैं। हमने बड़ा लक्ष्य रखा था, उस लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाए। अपने नेतृत्व को, कार्यकर्ताओं को धन्यवाद करता हूं। 

 घोष ने आगे हा कि एक सशक्त विपक्ष के रूप में हमें मौका दिया है। हम अच्छे विपक्ष के रूप में हम काम करेंगे। जनता जनार्दन जिंदाबाद, मुझे लगाता है कि कमी रह गई। मैं संगठन प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी के तौर पर सेवा करूंगा। उन्होंने साथ ही मतगणना के दौरान बीजेपी के राज्य में दफ्तर जलाए जाने की घटना पर भी रिएक्ट किया। घोष ने कहा कि अभी चुनाव आयोग भी  है। केन्द्रीय बल भी है। उन्हें देखना चाहिए कि हिंसा ना हो। 

प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने दिया ये बयान

वहीं, बीजेपी के पश्चिम बंगाल के प्रभारी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के शानदार प्रदर्शन का श्रेय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दिया। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ममता बनर्जी की वजह से जीती। ऐसा लग रहा है कि लोगों ने दीदी को पसंद किया। क्या गलती हुई, हम इसकी समीक्षा करेंगे। क्या कोई संगठनात्मक कमी रह गई या चेहरे का अभाव कारण रहा या बाहरी-भीतरी की बहस। हम देखेंगे क्या गलती हुई। 

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