राहुल जी, क्या आपके 'हम दो हमारे दो' का मतलब परमबीर सिंह और अनिल देशमुख से है: BJP का ट्वीट

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 21, 2021, 10:58 AM IST

महाराष्ट्र में मुंबई के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह के 'लेटर बम' वाले खुलासे के बाद से ही भाजपा लगातार महाविकास अघाड़ी सरकार पर हमले कर रही है।

राहुल जी, क्या आपके 'हम दो हमारे दो' का मतलब परमबीर सिंह और अनिल देशमुख से है: BJP का ट्वीट

मुंबई:  मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर की एक चिट्टी ने महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि देश की सियासत में भी तूफान ला दिया है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखा चिट्ठी में परमबीर सिंह ने दावा किया था कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने पुलिस अधिकारियों को बार और होटल से हर महीने सौ करोड़ रुपये की उगाही करने का निर्देश दिया था। इस खुलासे के बाद से ही बीजेपी लगातार अघाड़ी सरकार पर हमलावर है।

कर्नाटक बीजेपी का ट्वीट
इस बीच कर्नाटकर बीजेपी ने ट्वीट करते हुए कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी पर उन्ही के शब्दों के जरिए हमला किया है। कर्नाटक बीजेपी ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'राहुल गांधी जी जब आप हम दो हमारे दो के बारे में बात करते हैं, तो क्या आप परम बीर सिंह और अनिल देशमुख के बारे में बात करते हैं?' दरअसल कुछ समय पहले राहुल गांधी ने कृषि कानूनों के मामले पर सरकार पर हमला करते हुए कहा था कि यह ‘हम दो, हमारे दो’ की सरकार है। इसके जरिए राहुल गांधी ने बिना नाम लिए मोदी सरकार को कुछ उद्योगपतियों के लिए काम करने वाली सरकार होने का आरोप लगाया।

संजय निरूपम में भी उठाए सवाल
वहीं कांग्रेस के पूर्व सांसद संजय निरूपम ने भी कहा है कि कांग्रेस को मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह के दावे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। निरुपम ने ट्वीट किया, ‘परमबीर सिंह जो कह रहे हैं, अगर उसमें सच्चाई है तो माननीय शरद पवार जी से सवाल पूछा जाना चाहिए क्योंकि वर्तमान महाराष्ट्र सरकार को उन्हीं ने बनाया है। क्या कथित तीसरा मोर्चा अंततः यही सब करेगा? कांग्रेस को इस मुद्दे पर रुख स्पष्ट करना चाहिए।' 

उद्धव सरकार को एक मिनट भी रहने का हक नहीं- बीजेपी
शनिवार को ही बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भाजपा मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए कहा, 'परमवीर सिंह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को एक चिट्ठी लिखी है, उसमें कुछ ऐसे तथ्यात्मक बयान और आरोप लगाए हैं, जिससे ज्यादा गंभीर कुछ भी नहीं हो सकता। आजाद भारत के इतिहास में शायद ही ऐसा शर्मनाक पल आया होगा जब इतने गंभीर आरोप किसी सरकार पर लगे हों।'

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