केजरीवाल घर से निकलने से डर रहे है, क्योंकि बाहर पूरी दिल्ली खुली है: कपिल मिश्रा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 8, 2020, 11:58 AM IST

किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर केजरीवाल को हाउस अरेस्ट करने का आरोप लगाया है।

केजरीवाल घर से निकलने से डर रहे है, क्योंकि बाहर पूरी दिल्ली खुली है: कपिल मिश्रा

नई दिल्ली: नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों द्वारा बुलाए गए देशव्यवापी बंद यानि भारत बंद (Bharat Bandh) केदौरान देश के कईहिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन अभी इसका असर दिल्ली में कम दिख रहा है और कनॉट पैलेस, सरोजनी नगर, खान मार्केट, सदर बाजार से मार्केट खुले हुए हैं। इन सबके बीच दिल्ली की आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस ने सीएम अरविंद केजरीवाल को सिंधु बॉर्डर से आने बाद से ही घर में नजरबंद कर दिया है। अब आप के इस आरोप पर बीजेपी ने पलटवार किया है।

कपिल मिश्रा का पलटवार

भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट करते हुए कहा, 'केजरीवाल घर से निकलने से डर रहे है क्योंकि बाहर पूरी दिल्ली खुली हैं। घर से निकलेंगे तो सारी मार्किट और ट्रैफिक से भरी सड़को साथ उनकी फोटो वीडियो के साथ छीछालेदर होगी। इसलिए दिल्ली पुलिस पर हाउस अरेस्ट का झूठा इल्जाम लगा रहे हैं। दिल्ली में बन्द फ्लॉप हो चुका हैं। मैं चुनौती देता हूँ अरविंद केजरीवाल  जी को हाउस अरेस्ट का झूठ बोलना बंद करें  बाहर निकलकर दिल्ली का एक भी मार्किट या बाजार या इंडस्ट्रियल एरिया दिखाएं जो बंद हो। पूरी दिल्ली में कहीं भी एक भी जगह बंद का असर दिखाएं ? दिल्ली वालों ने बंद को फ्लॉप कर दिया हैं।'

इससे पहले आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाते हुए कहा, 'जब से केजरीवाल सिंधु बॉर्डर से किसानों से मिलकर लौटे हैं तब से उन्हें घर में नजरबंद कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल के घर के चारों तरफ बैरीकेड लगा दिया है। गृह मंत्रालय के आदेश के बाद उनको नजरबंद वाली स्थिति में रखा गया है।'

किसानों से की थी मुलाकात

आपको बता दें कि सोमवार को ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सिंघू बॉर्डर पहुंचकर किसानों का समर्थन किया। उन्होंने किसान संगठनों के आठ दिसंबर के ‘भारत बंद’ का समर्थन किया था। केजरीवाल ने कहा, 'हम सेवादार की तरह काम कर रहे हैं। मैं यहां मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं बल्कि किसानों की सेवा के लिए एक सेवादार के तौर पर आया हूं। किसानों का समर्थन करना हमारी जिम्मेदारी है। मुझे उम्मीद है कि जल्द ही समाधान निकलेगा।'

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