कोलकाता। टीएमएसी के नेताओं में भगदड़ है। एक एक कर पिछले दो दिनों में कई बड़े पार्टी को अलविदा कह चुके हैं। हर किसी की एक ही शिकायत कि जिस मकसद से टीएमसी का गठन हुआ वो उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा है। पार्टी छोड़ने की शुरुआत ममता बनर्जी के विश्वस्त शुभेंदु अधिकारी से शुरू हुई और यह सिलसिला विधायक जीतेंद्र तिवारी और शीलभद्र दत्ता के साथ कहां खत्म होगी टीएमसी के लिए अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है। लेकिन इन सबके बीच मोदी सरकार में मंत्री बाबुल सुप्रियो ने ट्वीट किया कि वो ऐसे नेताओं को बीजेपी में नहीं आने देंगे। इन सबके बीच गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि वो बंगाल दौरे को लेकर उत्साहित हैं।
टीएमसी नेताओं में भगदड़
टीएमसी छोड़ने वाले नेताओं का कहना है कि बंगाल को जिस ऊंचाई पर ले जाने का सपना देखा गया था वो जमीन पर नहीं उतरा। वाम दलों की तानाशाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ जिस तेवर के साथ हम सब एक साथ इकट्ठा हुए उस मकसद को हासिल करने में नाकाम रहे। आज टीएमसी में भ्रष्टाचार का दीमक लग चुका है और पार्टी भाई भतीजावाद का शिकार हो गई है। लेकिन बाबुल सुप्रियो के फेसबुक पोस्ट पर नजर डालें तो वो कुछ और कहते हैं।
बाबुल सुप्रियो का फेसबुक पोस्ट
फेसबुक पर लिखी एक पोस्ट में बाबुल सुप्रियो का कहना हैकि कुछ लोग ऐसी अफवाह फैला रहे हैं कि मैंने आसनसोल के टीएमसी नेताओं के साथ अंडर टेबल समझौते किए हैं और अब ऐसे लोग बीजेपी में आना चाहते हैं। मैं साफतौर पर बता दूं कि ऐसा कोई भी समझौता करके मैं मेरा साथ देने वाले लोगों के साथ विश्वासघात नहीं करूंगा। आसनसोल में तृणमूल कांग्रेस को हराने की लड़ाई हम सबने मिलकर लड़ी है।
अमित शाह के दौरे से पहले टीएमसी में भगदड़, सियासी संग्राम पर हर किसी की नजर
- Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
- Updated Dec 19, 2020, 12:34 AM IST
पश्चिम बंगाल के दौरे से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर जानकारी दी कि वो बंगाल के लोगों से मिलने के लिए कितने उत्सुक हैं। वो 19 और 20 दिसबंर को जनसभा और रोड शो करने वाले हैं।
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