'क्रिसमस सेलिब्रेट करने वाले हिन्दुओं की खैर नहीं, चर्च गए तो होगी बहुत पिटाई', बजरंग दल की धमकी, जांच के आदेश

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 6, 2020, 06:50 PM IST

Bajrang Dal threat on Christmas : क्रिसमस को लेकर बजरंग दल ने असम में हिन्‍दुओं को कड़ी चेतावनी दी है और कहा कि उन्‍हें 25 दिसंबर को चर्च नहीं जाना है। ऐसा करने वालों की पिटाई होगी।

'क्रिसमस सेलिब्रेट करने वाले हिन्दुओं की खैर नहीं, चर्च गए तो होगी बहुत पिटाई', बजरंग दल की धमकी, जांच के आदेश
Photo Credit: BCCL

गुवाहाटी : असम में क्रिसमस सेलिब्रेट करने वाले हिन्‍दुओं को इस बार बजरंग दल की 'मोरल पॉलिसिंग' का सामना करना पड़ेगा। बजरंग दल ने सीधी चेतावनी दी है कि अगर किसी हिन्‍दू ने 25 दिसंबर को क्रिसमस सेलिब्रेट किया या चर्च गए तो उनकी बुरी तरह पिटाई की जाएगी। यह धमकी बजरंग दल की पैरेंट बॉडी विश्‍व हिन्‍दू परिषद के गुवाहाटी जिला सचिव मिथुन नाथ की ओर से जारी गई है। इस मामले में पुलिस ने अब जांच के आदेश दिए हैं।

मिथुन नाथ ने कहा कि वह एक ईसाई बहुल मेघालय के शिलांग में विवेकानंद केंद्र के बंद होने से नाराज हैं और इसलिए नहीं चाहते कि कोई हिंदू ईसाइयों के त्‍योहार मनाए। उन्‍होंने यह धमकी भरी चेतावनी इस सप्‍ताह की शुरुआत में सिचलर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दी, जिसके जवाब में वहां मौजूद लोगों ने खूब तालियां बजाईं और 'जय श्री राम' के उद्घोष किए।

'चर्च जाने वालों की होगी पिटाई'

मीडिया रिपोर्ट्स में एक वायरल वीडियो का हवाला देते हुए कहा जा रहा है कि कार्यक्रम में मिथुन नाथ ने कथि‍त तौर पर कहा, 'जो हिंदू चर्च जाते हैं, उनकी पिटाई की जाएगी। मैं उन हिंदुओं की निंदा करता हूं, जो क्रिस‍मस सेलिब्रेट करने उन लोगों के धार्मिक स्‍थलों पर जाते हैं, जिन्‍होंने हमारे पूजा स्थलों को बंद कर दिया।' उन्‍होंने धमकीभरे अंदाज में कहा, 'कोई भी हिंदू इस साल क्रिसमस पर चर्च नहीं जाएगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इसका पालन हो।'

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्‍होंने यह भी कहा कि उनके इस कदम नकारात्‍मक प्रतिक्रिया आएगी और अगले दिन के अखबारोंर में उन्‍हें 'गुंडा दल' कहा जाएगा, लेकिन इससे फर्क नहीं पड़ता। हम हिन्‍दुओं को क्रिसमस और उससे संबंधित कार्यक्रमों में हिस्‍सा लेने की अनुमति नहीं देंगे, क्‍योंकि उन्‍होंने (ईसाइयों ने) शिलॉन्‍ग में कई मंदिरों को बंद कर दिया।

जांच के आदेश

इस मामले में अब जांच के आदेश दिए गए हैं। असम के कछार की उपायुक्त कीर्ति जल्ली ने कहा कि उन्होंने पुलिस अधीक्षक को मामले की जांच और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने हालांकि अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया है। उनका कहना है कि घटना की जांच की जा रही है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि घटन को लेकर किसी तरह की शिकायत नहीं मिली है, बल्कि वीडियो देखने के बाद घटना की जांच की जा रही है।

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