West Bengal: बंगाल में अमित शाह की हुंकार, सत्ता नहीं बल्कि विचार का परिवर्तन है

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 18, 2021, 07:35 PM IST

गृहमंत्री अमित शाह बंगाल के दो दिन के दौरे पर हैं। गंगा सागर में उन्होंने कहा कि विकास की रेलगाड़ी जो दिल्ली से चलती है वो बंगाल आकर रुक जाती है।

West Bengal: बंगाल में अमित शाह की हुंकार, सत्ता नहीं बल्कि विचार का परिवर्तन है

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के दो दिन के दौरे पर गृहमंत्री अमित शाह हैं। इस दफा वो दक्षिण 24 परगना के नामखाना से परिवर्तन यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे। लेकिन उससे पहले उन्होंने एक रैली में ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार भतीजा कल्याण की सरकार है, कट और कमीशन की सरकार है। पिछले पांच वर्षों में बीजेपी के 130 कार्यकर्ता मारे गए। लेकिन बीजेपी एक विचार है जिसे कभी समाप्त नहीं किया जा सकता है।

रैली में अमित शाह ने लगाए जय श्रीराम के नारे
अमित शाह ने रैली में उन्होंने जय श्रीराम के नारे भी लगवाए और लोगों से पूछा कि क्या बंगाल में दुर्गा पूजा और सरस्वती पूजा नहीं होनी चाहिए। क्या इसके लिए हाईकोर्ट मे परमिशन लेने की जरूरत होनी चाहिए। लेकिन ममता बनर्जी ने इसे बंद कर दिया। ये तो बीजेपी का दबाव था कि ममता दीदी को सरस्वती पूजा के लिए आदेश देने पर बाध्य होना पड़ा। 

गंगा सागर के जरिए ममता सरकार पर सियासी निशाना
अमित शाह ने कहा कि वो  गंगा सागर के पवित्र जगह पर मौजूद हूं। कपिल मुनि का मंदिर आध्यात्म का केंद्र है। उन्होंने सब तीर्थ एक बार बार गंगासागर का एक बार जिक्र होता है। नमामि गंगा का कार्यक्रम गंगोत्री से गंगासागर तक है। लेकिन बंगाल आने तक प्रोजेक्ट रुक जाता है। यहां के हालात को देखकर दुख होता है। उन्होंने कहा कि सरकार आने पर इस इलाके का विकास करेंगे। उत्तरायण का जो मेला लगता है उसे और भव्य बनाने की कोशिश करेंगे।

यह है परिवर्तन का मतलब


  1. हमारा लक्ष्य सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं
  2. सरकार में आने पर सातवें वेतन आयोग का लाभ देंगे।
  3. बंगाल की स्थिति बदतर की गई है।
  4. किसानों की कीमत बिचौलियों के हाथ ना जाए इसलिए परिवर्तन
  5. दक्षिण 24 परगना को फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र का पहचान देंगे
  6. गंगा सागर को केंद्र सरकार की प्रसाद योजना के तहत लाएंगे।
  7. पाताल से भी खोजकर टीएमसी के गुंडों को सलाखों के पीछे करेंगे।
  8. लोगों को कट कमीशन ना देना पड़े इसके लिए परिवर्तन है

भारत सेवा आश्रम में अमित शाह ने की पूजा
भारत सेवा आश्रम के कामकाज की उन्होंने तारीफ की। अमित शाह ने कहा कि स्वामी प्रणवानंद के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। अगर आप उनके योगदान को देखें तो समाज के सभी वर्गों को प्रभावित किया है। जहां तक सरकार का सवाल है तो हम सेवा आश्रम के प्रयासों के साथ खड़े हैं। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आज जब हमारे सामने तरह तरह की मुश्किलें हैं और उसका सामने करने के लिए स्वामी जी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। 

क्या कहते हैं जानकार
अब सवाल यह है कि अमित शाह का यह दौरा क्यों खास है। इस सवाल के जवाब में जानकारों की राय बंटी है। कुछ वर्ग का कहना है कि दक्षिण 24 परगना इलाके में एक तरह अल्पसंख्यक समाज की तादाद ज्यादा है तो हिंदू समाज के ज्यादातर तीर्थस्थल हैं। बंगाल की राजनीति में एक तरह से सामान्य धारणा रही है कि ममता बनर्जी तुष्टीकरण की राजनीति करती हैं और उसकी वजह से बहुसंख्यक समाज की भावनाओं को बलि दी गई । इसके अलावा दूसरा वर्ग है जिसका कहना है कि अगर आप बीजेपी की परिवर्तन यात्रा को देखें तो बंगाल के सभी तीर्थ स्थानों को यह छूते हुए निकल रही है। इसका अर्थ यह है कि बीजेपी हिंदु समाज को यह संदेश दे रही है कि वो हिंदु समाज के मानस को समझती है। 



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