Twitter ने अब संघ प्रमुख भागवत सहित RSS के शीर्ष नेताओं के अकाउंट किए Unverified, ब्लू टिक हटाए

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 5, 2021, 12:03 PM IST

उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू का अकाउंट अनवेरिफाइड करने के बाद अब ट्विटर ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के अकाउंट से भी ब्लू टिक छीन लिया है। इसके अलावा संघ के अन्य नेताओं के अकाउंट पर एक्शन हुआ है।

Twitter ने अब संघ प्रमुख भागवत सहित RSS के शीर्ष नेताओं के अकाउंट किए Unverified, ब्लू टिक हटाए

नई दिल्ली: ट्विटर ने अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के ट्विटर अकाउंट को भी Unverified कर दिया है जिसके बाद संघ प्रमुख के हैंडल का 'ब्लू टिक' हट गया है। इतना ही नहीं ट्विटर ने संघ के कई और नेताओं के ट्विटर अकाउंट पर भी एक्शन लेते हुए इन्हें अनवेरिफाइड कर दिया है और सभी में से ब्लू टिक हटा लिया है। इससे पहले आज सुबह ही उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू के ट्विटर हैंडल को अनवेरिफाइड करने पर जब सवाल उठे तो ट्विटर ने वापस से ब्लू टिक लौटा दिया।

इन संघ नेताओं के अकाउंट हुए अनवैरिफाईड

संघ प्रमुख मोहन भागवत के अलावा संघ के जिन नेताओ के अकाउंट अनवेरिफाइड किए गए हैं उनमें कृष्ण गोपाल, सुरेश सोनी, सुरेश जोशी और अरुण कुमार के अकाउंट शामिल हैं इन सभी के अकाउंट से ब्लू टिक हटा लिया गया है। अब केवल आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले  का ट्विटर अकाउंट वैरीफाइड है। हालांकि उन्होंने भी कई साल से ट्वीट नहीं किया।

इन नेताओं के ट्विटर अकाउंट से छिना ब्लू टिक

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ट्विटर की सफाई

ट्विटर का कहना है कि हमारी सत्यापन नीति के अनुसार अगर अकाउंट इनएक्टिवेट हो जाता है तो ट्विटर ब्लू टिक और वेरिफाइड स्टेटस हटा सकता है। लेकिन ट्विटर की इस सफाई पर सोशल मीडिया में ही सवाल उठ रहे हैं और लोग उन अकाउंट्स को शेयर कर रहे हैं जिन्होंने लंबे समय से कोई ट्वीट नहीं किया है लेकिन अकाउंट वैरिफाइड हैं। ऐसे में लोग कह रहे हैं कि ट्विटर जानबूझकर सरकार को चुनौती दे रहा है।

उपराष्ट्रपति के निजी अकाउंट के ब्लू टिक को किय़ा था बहाल
इससे पहले आज ट्विटर ने उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू के निजी अकाउंट से सत्यापन वाला ब्लू टिक हटाया और बाद में इसे बहाल कर दिया।उपराष्ट्रपति सचिवालय के अधिकारियों ने बताया कि ट्विटर पर नायडू का निजी अकाउंट लंबे समय से निष्क्रिय था और ट्विटर अल्गोरिद्म ने ब्लू टिक हटा दिया। उपराष्ट्रपति के इस निजी अकाउंट से पिछले साल 23 जुलाई को आखिरी बार पोस्ट की गयी थी।

ट्विटर के मौजूदा कदम एक बार फिर सरकार और इस माइक्रोब्लॉगिंग साइट के बीच विवाद बढ़ने के पूरे आसार हैं। पहले भी ट्विटर और केंद्र सरकार के बीच टकराव वाली स्थिति बन रही थी और अब इस कदम के बाद से मामला तूल पकड़ सकता है।

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