REET Exam: राजस्थान में रीट एग्जाम को लेकर घमासान छिड़ा हुआ है। एग्जाम के दौरान आई तस्वीरों की वजह से अशोक गहलोत सरकार पर विपक्ष के निशाने पर हैं और नियमों को लेकर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाए जा रहे हैं। परीक्षार्थियों के परीक्षा केंद्र में प्रवेश को लेकर प्रशासन ने इतनी सख्ती दिखाई कि महिलाओं और युवतियों के दुपट्टे उतरवा दिए गए और कपड़ों पर लगे बटन तक काट दिए। यहीं नहीं महिलाओं के मंगलसूत्र, चूड़ियां, बालों की क्लिप, साड़ी पिन निकलवा दी गई।
उठ रहे हैं सवाल
जो तस्वीरें आईं पहले उनका मकसद समझिए। ये रीट की परीक्षा को नकल मुक्त करने का अभियान है लेकिन परेशानी ये है कि शिकार सिर्फ हिंदू छात्र-छात्राएं ही हो रही हैं। क्योंकि यहां जितनी चीजों पर रोक लगी है सबके सब हिंदुओं से जुड़ी हैं जबकि हिजाब पर यहां न कोई रोक है न कोई टोक। जरा सोचिए कि यहां दुपट्टा खल रहा है लेकिन हिजाब धड़ल्ले से चल रहा है। यही वजह है कि बीजेपी अब अशोक गहलोत सरकार पर सवाल उठा रही है और पूछ रही है कि आखिर परीक्षा के जरिए भी तुष्टिकरण करने का जरूरत आन पड़ी है।
बीजेपी बोली यह तुष्टिकरण
परीक्षा में मंगलसूत्र और दुपट्टे पर बैन लेकिन हिजाब पर रोक नहीं होने से सियासत तेज हो गई है। बीजेपी ने सरकार पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाया है और राजस्थान में हिजाब फिर मुद्दा बन गया गया। शिक्षक भर्ती की रीट परीक्षा में नकल रोकने के लिए एक तरफ महिला परीक्षार्थियों के लिए मंगलसूत्र से लेकर दुपट्टे पायल औऱ लंबी बाहें के कुर्ते पहनकर अंदर नहीं जाने दिया, कैंची से परीक्षा केंद्रों पर लंबी बाहे के कुर्ते काटे गए। लेकिन हिजाब पर रोक नहीं थी। बीजेपी ने आरोप लगाया कि ये गहलोत सरकार का मुस्लिम तुष्टिकरण है।

