Kumar Vishwas को मिलेगी सुरक्षा? केजरीवाल पर लगाए गए आरोपों के बाद केंद्र सरकार कर रही है समीक्षा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 18, 2022, 05:15 PM IST

प्रसिद्ध कवि और आम आदमी के फाउंडर मेंबर रहे कुमार विश्वास के दो वीडियो आजकल वायरल हो रहे हैं। इन वीडियोज में उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

Kumar Vishwas को मिलेगी सुरक्षा? केजरीवाल पर लगाए गए आरोपों के बाद केंद्र सरकार कर रही है समीक्षा
Photo Credit: ANI

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के फाउंडर मेंबर रहे कुमार विश्वास (Kumar Vishwas)  इन दिनों सुर्खियों में बने हुए हैं। कुमार विश्वास द्वारा अरविंद केजरीवाल पर लगाए गए आरोपों के बाद से ही विपक्ष AAP पर हमलावर है। कुमार विश्वास का वीडियो वायरल होने के बाद प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। इस बीच खबर सामने आई है कि केंद्र सरकार कुमार विश्वास की सुरक्षा की समीक्षा कर रही है और खुफिया जानकारी के बाद उन्हें सुरक्षा प्रदान की जा सकती है।। पंजाब चुनाव से पहले लगाए गए आरोपों के बाद सियासी गलियारों में खलबली मची हुई है। इस बीच विश्वास ने कहा कि आरोप लगाने के बाद उन्हें धमकियां मिल रही है। विश्वास ने कहा कि जो लोग फोन और व्हाट्सऐप पर धमकियां दे रहे हैं वो इनसे डरने वाले नहीं हैं।

केंद्र कर रहा है समीक्षा

पीटीआई के मुताबिक, केंद्र सरकार आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व नेता कुमार विश्वास की सुरक्षा की समीक्षा कर रही है और उन्हें एक केंद्रीय एजेंसी के जरिए सुरक्षा मुहैया करायी जा सकती है। विश्वास के आप संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आरोप लगाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है। सूत्रों ने बताया, ‘सरकार कुमार विश्वास की सुरक्षा की समीक्षा कर रही है । समीक्षा करने के बाद तथा खुफिया सूचनाओं के आधार पर खतरे का आकलन करते हुए उन्हें सुरक्षा दे सकती है।’ समीक्षा के बाद विश्वास को एक केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी के जरिए सुरक्षा दी जा सकती है।

कुमार के आरोपों पर केजरीवाल का जवाब

इस बीच इन आरोपों के बाद श्री केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि वह विश्व के सबसे प्रिय आतंकवादी हैं जिन्होंने अस्पतालों का निर्माण किया है। दरअसल हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें कुमार विश्वास ने आरोप लगाया है कि अरविंद केजरीवाल या तो पंजाब के मुख्यमंत्री या फिर स्वतंत्र खालिस्तान के प्रधानमंत्री बनना चाहते थे और उन्होंने वर्ष 2017 के पंजाब विधानसभा चुनावों के दौरान अलगाववादी तत्वों से नजदीकियां बढ़ाई थीं। चुनाव आयोग ने इस वीडियो पर बुधवार को रोक लगा दी थी लेकिन कुछ ही देर बात इस रोक को हटा दिया था।

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