एपेक्सा ग्रुप घोटाला: ईडी की बड़ी कार्रवाई, करीब 16 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
- Reported by: अनुज मिश्राEdited by: Piyush Kumar
- Updated Jan 23, 2026, 08:15 PM IST
एपेक्सा ग्रुप निवेश घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 16 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। ईडी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत की, जिसमें जमीनें और बैंक खाता शामिल हैं। जांच में सामने आया कि ग्रुप ने ऊंचे मुनाफे का लालच देकर सैकड़ों करोड़ जुटाए, जिससे हजारों निवेशकों को नुकसान हुआ।
एपेक्सा ग्रुप के निवेश घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की।(फोटो सोर्स: ANI)
एपेक्सा ग्रुप के निवेश घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 15.97 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। यह कार्रवाई 22 जनवरी 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत की गई।
ईडी की जयपुर जोनल टीम ने इस मामले में 37 अचल संपत्तियों और एक बैंक खाते को जब्त किया है। अटैच की गई संपत्तियों में खेती और रिहायशी जमीनें शामिल हैं, जो राजस्थान के बूंदी, बारां और कोटा जिलों में स्थित हैं। ये संपत्तियां मुरली मनोहर नामदेव, दुर्गा शंकर मेरोथा, अनिल कुमार, गिरिराज नायक, शोभा रानी समेत अन्य आरोपियों के नाम पर दर्ज पाई गई हैं। इसके अलावा एपेक्सा ग्रुप के एक बैंक खाते में जमा 1.50 करोड़ रुपये भी जब्त किए गए हैं।
एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच
ईडी ने यह जांच राजस्थान पुलिस की एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। जांच में सामने आया कि एपेक्सा ग्रुप ने निवेशकों को बेहद ऊंचे मुनाफे का लालच देकर करीब 194.76 करोड़ रुपये जुटाए। आरोप है कि मुरली मनोहर नामदेव और उनके साथियों ने जानबूझकर फर्जी निवेश योजनाएं तैयार कीं और भोले-भाले लोगों को इनमें फंसाया।
पुराने निवेशकों को नए पैसों से भुगतान
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, 2012 से 2020 के बीच निवेशकों को कभी-कभार आंशिक भुगतान किया गया या नए निवेशकों से आए पैसों से पुराने निवेशकों को रकम देकर यह दिखाया गया कि कारोबार मुनाफे में चल रहा है। कई निवेशकों को मिले मुनाफे को दोबारा निवेश करने के लिए भी उकसाया गया, जबकि असल में इतनी ज्यादा कमाई संभव ही नहीं थी और ये योजनाएं शुरू से ही टिकाऊ नहीं थीं।
कोरोना काल के दौरान जब बड़ी संख्या में निवेशकों ने अपने पैसे और मुनाफे की मांग की, तो एपेक्सा ग्रुप के पास भुगतान करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। इसी दौरान पूरा घोटाला उजागर हो गया और योजनाएं पूरी तरह धराशायी हो गईं, जिससे हजारों निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
जमीन और निजी कारोबार में लगाया गया पैसा
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल जमीनें खरीदने और नए निजी कारोबार खड़े करने में किया गया, ताकि आरोपी अपनी निजी संपत्ति बढ़ा सकें, न कि निवेशकों को कोई वैध लाभ दिया जा सके। ईडी का कहना है कि इस मामले में जांच अभी जारी है और आने वाले समय में घोटाले से जुड़ी अन्य संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
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