संसद के मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तीखी होती जा रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के खिलाफ विशेषाधिकार हनन (Breach of Privilege) का नोटिस दिया है। यह नोटिस राहुल गांधी द्वारा 29 जुलाई को लोकसभा में दिए गए एक वक्तव्य के विरोध में प्रस्तुत किया गया है।
नियम 222/223 के तहत कार्रवाई की मांग
अनुराग ठाकुर ने लोकसभा के नियम 222 और 223 के तहत यह नोटिस भेजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 29 जुलाई को चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने "students, idiots, andhbhakts" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जो असंसदीय और अपमानजनक हैं।
संसदीय नियमों के उल्लंघन का आरोप
भाजपा सांसद ने अपने नोटिस में लोकसभा की प्रक्रिया और कार्य-संचालन नियमों के नियम 352(ii), (iii) और (vii) का हवाला दिया है। अनुराग ठाकुर का कहना है कि राहुल गांधी ने जिस भाषा का प्रयोग किया वह संसद की गरिमा के खिलाफ और पूरी तरह से अपमानजनक है। इस तरह के आपत्तिजनक और मानहानिकारक बयानों से सदन के विशेषाधिकारों का हनन हुआ है।
क्या होगा अगला कदम?
विशेषाधिकार हनन का नोटिस मिलने के बाद अब लोकसभा अध्यक्ष इस पर विचार करेंगे। यदि अध्यक्ष इसे स्वीकार करते हैं, तो मामले को जांच और सिफारिशों के लिए संसद की 'विशेषाधिकार समिति' के पास भेजा जा सकता है।
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 29 जुलाई को संसद में कहा था कि छात्रों को ध्यान में रखना चाहिए कि यह वैचारिक संगठन ही उनका असली दुश्मन है और वह चाहता है कि आप ’अंधभक्त’ बनें। भाषण की शुरुआत में भी राहुल गांधी ने एक शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर सत्तापक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि उन्होंने एक छात्रा का नाम लेकर जिस शब्द का इस्तेमाल किया है, वह असंसदीय शब्द है और उसे कार्यवाही से हटा देना चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को संसद की मर्यादा के साथ विधेयक पर बोलना चाहिए। सत्तापक्ष की टोकाटोकी के बीच राहुल गांधी ने बोलने से इनकार कर दिया और अपनी सीट पर बैठ गए। इसके बाद रीजीजू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने एक असंसदीय शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर आपत्ति जताई गई है। उन्होंने कहा कि ’’हम उन्हें सुनने को तैयार हैं और वह अपनी बात रखें।’’
