देश

देश से पूरी तरह कब खत्म होगा नक्सलवाद? गृह मंत्री अमित शाह ने बता दी डेडलाइन

  • Agency by: Agency
  • Updated Feb 8, 2026, 11:36 PM IST

Anti-Naxal Operations: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को रायपुर में वामपंथी उग्रवाद पर उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र, झारखंड और तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक एवं कई वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।

Image

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (फोटो साभार: @AmitShah)

Photo : Twitter

Anti-Naxal Operations: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि सुरक्षा-केंद्रित रणनीति, बुनियादी ढांचे के विकास और माओवादी संगठनों के वित्तीय नेटवर्क पर प्रहार से वामपंथी उग्रवाद (LWE) के खिलाफ लड़ाई में ठोस परिणाम सामने आए हैं। शाह ने रायपुर में वामपंथी उग्रवाद पर उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दोहराया कि इस साल 31 मार्च से पहले नक्सलवाद का खतरा पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। यह बैठक वामपंथी उग्रवाद को समाप्त करने की केंद्र की 31 मार्च की समयसीमा से कुछ सप्ताह पहले आयोजित की गई।

नक्सल रोधी अभियानों परसमीक्षा बैठक

गृह मंत्री शाह ने बैठक की तस्वीरें सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर साझा करते हुए कहा, "आज रायपुर में छत्तीसगढ़ सरकार व अधिकारियों के साथ नक्सल रोधी अभियानों पर समीक्षा बैठक की। सुरक्षा-केंद्रित रणनीति, बुनियादी ढांचे का विकास, नक्सलियों के वित्तीय नेटवर्क पर प्रहार और आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम आए हैं और 31 मार्च से पहले नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो रहा है।"

'विकास का प्रतीक बना छत्तीसगढ़'

बैठक को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकारों की सुरक्षा-केंद्रित रणनीति, अवसंरचना, नक्सली वित्तीय नेटवर्क पर हमले और समर्पण नीति के अच्छे नतीजे मिले हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कभी नक्सली हिंसा का गढ़ था, लेकिन अब यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली 'डबल-इंजन' सरकार में विकास का प्रतीक बन गया है।

शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा अपनी संस्कृति और परंपराओं को बनाए रखते हुए खेल, फॉरेंसिक विज्ञान और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद ने कई पीढ़ियों को गरीबी और अशिक्षा के अंधेरे में धकेल दिया है। शाह ने कहा, ''डबल-इंजन वाली सरकार देश से नक्सलवाद के खतरे को पूरी तरह खत्म करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है, और यह खत्म होने के कगार पर पहुंच गया है।''

'सुरक्षा और विकास के मोर्चों पर छत्तीसगढ़ ने की तरक्की'

नक्सल प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए विकास के समान अवसरों पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर ज़बरदस्त तरक्की की है। विज्ञप्ति के अनुसार, शाह ने छत्तीसगढ़ में अलग-अलग विकास कार्यों को लेकर भी एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता भी की। इसमें कहा गया कि नवा रायपुर अटल नगर स्थित एक होटल में हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय गृह सचिव, खुफिया ब्यूरो (IB) के निदेशक और गृह मंत्रालय में विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) शामिल हुए।

विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) के महानिदेशक, साथ ही छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र, झारखंड और तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक एवं कई वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। साय ने कहा कि सुरक्षा समीक्षा बैठक नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में निर्णायक प्रगति को दिखाती है।

CM विष्णु देव साय ने क्या कुछ कहा

मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी, आपके नेतृत्व में आज नवा रायपुर में हुई एलडब्ल्यूई सुरक्षा समीक्षा बैठक नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक प्रगति का एक मजबूत संकेत है।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ 31 मार्च तक नक्सल मुक्त लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

माओवादियों का गढ़ बस्तर

छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा की सीमाओं से सटा हुआ है और लंबे समय से माओवादियों का गढ़ माना जाता रहा है। हालांकि, बीते कुछ वर्षों में यहां नक्सल रोधी अभियानों में तेजी आई है, जिससे उग्रवादी गतिविधियां कम हुई हैं। बस्तर क्षेत्र में सात जिले शामिल हैं।

अबतक कितने नक्सली हुए ढेर

पुलिस के अनुसार, जनवरी 2024 से अब तक छत्तीसगढ़ में मुठभेड़ों के दौरान 500 से अधिक नक्सली मारे गए हैं, जिनमें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू जैसे शीर्ष नक्सली भी शामिल हैं। इस दौरान राज्य में करीब 1,900 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 2,500 से अधिक ने आत्मसमर्पण किया है।

End of Article