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2024 चुनाव के लिए पीएम मोदी ने चल दिया मास्टरस्ट्रोक, किसानों के साथ बीजेपी की भी होगी बल्ले-बल्ले

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Jun 29, 2023, 11:31 AM IST

सरकार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के लिए 3.70 लाख करोड़ रुपये के कुल परिव्यय को मंजूरी दी है। इसमें टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देकर किसानों की भलाई और आर्थिक बेहतरी पर ध्यान दिया गया है।

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Modi masterstroke

Modi Govt Gift for Farmers: 2024 लोकसभा चुनाव नजदीक हैं और इससे पहले ही मोदी सरकार ने एक नया मास्टर स्ट्रोक चल दिया है। मोदी सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए कुछ अहम घोषणाएं की हैं। इसमें सबसे पहला रहा गन्ने का FRP बढ़ाकर 315 रुपये प्रति क्विंटल करना। दूसरी बड़ी बात रही प्रति बैग 242 रुपये की यूरिया सब्सिडी देने का फैसला। इसके अलावा सरकार ने कई और योजनाओं के जरिए किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए 3.70 लाख करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी है।

किसानों को यूरिया सब्सिडी

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई फैसले लिए गए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि कैबिनेट ने नीम कोटिंग शुल्क को छोड़कर 45 किलोग्राम प्रति बैग पर 242 रुपये की समान कीमत पर किसानों को यूरिया उपलब्ध कराने के लिए यूरिया सब्सिडी योजना को मंजूरी दे दी है। इस पैकेज में तीन साल (2022-23 से 2024-25) के लिए यूरिया सब्सिडी के तौर पर 3,68,676.7 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

गन्ने का एफआरपी मूल्य बढ़ा

2023-24 सत्र के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 10 रुपये बढ़ाकर 315 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया। एफआरपी वह न्यूनतम मूल्य है, जिस पर चीनी मिलें किसानों से गन्ना खरीदती हैं। गन्ने का पेराई सत्र अक्टूबर से शुरू होता है। ये फैसला किसानों के लिए बहुत लाभकारी है। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि मोदी सरकार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस फैसले से करीब पांच करोड़ गन्ना किसानों को और चीनी मिलों में काम कर रहे लाखों श्रमिकों को लाभ होगा।

पीएम-प्रणाम' योजना को मंजूरी

मोदी कैबिनेट ने वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने और रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल को कम करने हेतु राज्यों को प्रोत्साहित करने के लिए नई योजना पीएम-प्रणाम को भी मंजूरी दी है। योजना के एक अन्य पहलुओं के रूप में धरती माता की पुनर्स्थापना, जागरूकता सृजन, पोषण और सुधार की मंजूरी पर भी चर्चा की गई।

मोदी सरकार का मास्टरस्ट्रोक

2019 के लोकसभा चुनाव से पहले दिसंबर 2018 में मोदी सरकार ने किसानों के लिए किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी। तब हर चार महीने की किश्त पर लगभग 25000 करोड़ और सालाना 75 हजार करोड़ रुपये खर्च का अनुमान लगाया गया था। देशभर के किसानों को वित्तीय मदद पहुंचाने के इरादे से केंद्र सरकार इस योजना को 2018 से चला रही है। इसमें छोटे और सीमांत किसानों को हर साल 6,000 रुपये दिए जाते हैं। यह राशि तीन बराबर किस्तों में किसानों के खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है। इस योजना ने बीजेपी को काफी फायदा पहुंचाया। योजना ने किसानों को लामबंद करने में काफी मदद की थी और पार्टी ने 2019 के आम चुनावों में इसका असर दिखा। 2024 के चुनावों से ऐन पहले मोदी सरकार के नए फैसले भी उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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