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चुनावी हार के गुस्से में विपक्ष अब देश के खिलाफ 'साजिश' में जुटा; पीएम मोदी ने लगाया जनता को गुमराह करने का आरोप

PM Modi in Odisha: पीएम मोदी ने ओडिशा के भुवनेश्वर से विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा है कि लगातार हो रही चुनावी हार के गुस्से में विपक्ष दल अब देश के खिलाफ 'साजिश' करने में जुट गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में भारत का प्रभाव 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद कई गुना अधिक हो गया।

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नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

Narendra Modi Slams Opposition: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि लगातार हो रही चुनावी हार ने विपक्षी दलों के भीतर इतना गुस्सा भर दिया है कि वह अब देश के खिलाफ ‘साजिश’ करने में जुट गए हैं और अपना गुस्सा जनता पर ही निकालने लगे हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओडिशा इकाई की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विपक्षी दलों का एकमात्र मकसद किसी तरह देश की जनता को गुमराह कर सत्ता पर कब्जा करना है।

'सुबह शाम दुष्प्रचार करते रहते हैं विपक्षी दल'

प्रधानमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों ने पार्टी कार्यकर्ताओं में विश्वास भर दिया है और यही भाजपा की विशेषता भी है। उन्होंने कहा, 'विपक्षी दल भाजपा सरकार के खिलाफ सुबह शाम दुष्प्रचार करते रहते हैं। लेकिन जनता भाजपा सरकार के कामों को देखकर उन्हें आशीर्वाद देने खुद मैदान में दौड़ पड़ती है।' ओडिशा विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि इसके कुछ महीने पहले तक बड़े-बड़े राजनीतिक विशेषज्ञ भाजपा को पूरी तरह से खारिज कर रहे थे और दावा कर रहे थे कि इस पूर्वी राज्य में भाजपा इतनी बड़ी ताकत नहीं हो सकती कि वह अपने बूते सरकार बना ले।

उन्होंने कहा, 'लेकिन जब परिणाम आए सारे के सारे लोग...जो अपने आप को तीसमारखां मानते थे, सब के सब हैरान हो गए।' प्रधानमंत्री ने कहा कि ओडिशा के लोगों ने भाजपा के केंद्र सरकार के कामों को देखा और दिल्ली में बैठे रहने के बावजूद उन्होंने यहां के लोगों के साथ अपनेपन का नाता रखा। उन्होंने कहा, '10 साल में ओडिशा के गांव-गांव और घर-घर में यह बात पहुंच चुकी थी। जब राज्य में हमारी सरकार भी नहीं थी, हमारी योजनाओं के नाम भी बदल दिए जाते थे फिर भी ओडिशा के विकास के लिए पूरी लगन और ईमानदारी से हम लगातार काम करते रहे। भारत सरकार के मंत्री परिषद में आज जितना प्रतिनिधित्व ओडिशा का है, वह पहले कभी नहीं रहा।'

'केंद्र से मिलने वाले बजट को किया तीन गुणा'

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने ओडिशा को केंद्र से मिलने वाले बजट को तीन गुणा किया, नई-नई योजनाएं चलाईं और हर वर्ग व समाज की समान भाव से सेवा की। उन्होंने कहा, 'इसलिए ओडिशा की जनता भाजपा की नीति और कार्यशाली को जान सकी। उनके मन में भाजपा को लेकर विश्वास पैदा हुआ और फिर दिल खोलकर उन्होंने भाजपा को अशीर्वाद दिया।' उन्होंने कहा कि यह भाव इतना मजबूत हो गया था कि भाषा भी कभी इसमें रुकावट नहीं बनी।

मोदी ने कहा कि दुनिया में भारत का प्रभाव 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद कई गुना अधिक हो गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीति में नीतिगत विरोध बहुत स्वाभाविक है लेकिन पिछले कुछ समय से एक बहुत बड़ा बदलाव यह हुआ है कि भारत के संविधान की भावनाओं को कुचल दिया जाता है और लोकतंत्र की सारी मान-मर्यादाओं को अस्वीकार किया जाता है। उन्होंने कहा कि जो लोग सत्ता को अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं, उनके पास केंद्र की सत्ता पिछले एक दशक से नहीं है। उन्होंने कहा, 'अब देश की जनता किसी और को आशीर्वाद दे, इसका गुस्सा उन्हें देश की जनता पर भी है। इस स्थिति ने उनके अंदर इतना गुस्सा भर दिया है कि वो देश के खिलाफ साजिश करने में जुटे हैं। ये लोग अपना गुस्सा जनता पर ही निकालने लगे हैं।'

'50-60 साल से चल रही है झूठ और अफवाह की दुकान'

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि देश को गलत दिशा में ले जाने के लिए विपक्ष ने लोगों को गुमराह करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, 'उनकी झूठ और अफवाह की दुकान 50-60 साल से चल रही है। अब उन्होंने इस अभियान को और तेज कर दिया है।' उन्होंने विपक्ष के ‘कारनामों को बहुत बड़ी चुनौती करार दिया और देशवासियों से हर पल सतर्क और जागरूक रहने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज केंद्र की भाजपा सरकार ओडिशा के गौरव को बड़ी प्राथमिकता दे रही है और वह इस राज्य को देश ही नहीं बल्कि दुनिया के नक्शे पर लाना चाहती है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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