ईरान-इजराइल के बीच जंग के बाद पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात के मद्देनजर सरकार ने भारतीय समुद्री समुदाय के लिए सतर्कता बढ़ा दी गई है। ईरान से जुड़ी मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए भारतीय नाविकों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के लिए एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी की गई है।
भारतीय नाविकों के लिए सतर्क रहने की अपील
Directorate General of Shipping ने भारतीय नाविकों को सलाह दी है कि वे क्षेत्र में काम करते समय पूरी सतर्कता बरतें। साथ ही, विदेश मंत्रालय और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास द्वारा जारी आधिकारिक दिशानिर्देशों का पालन करने को कहा गया है। एडवाइजरी में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया है कि क्षेत्र में परिचालन के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाए और किसी भी असामान्य गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दी जाए।
निगरानी के निर्देश
Ministry of Ports, Shipping and Waterways के अनुसार, समुद्री क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों—जैसे शिपिंग कंपनियां, पोत प्रबंधक और एजेंसियां—को भारतीय क्रू सदस्यों की सुरक्षा और स्थिति पर करीबी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही, किसी भी आपात स्थिति या सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी को तत्काल सरकारी प्राधिकरणों के साथ साझा करने के लिए कहा गया है, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
क्षेत्रीय हालात पर नजर
ईरान और आसपास के क्षेत्र में जारी तनाव के कारण समुद्री मार्गों और ऊर्जा आपूर्ति पर संभावित प्रभाव की आशंकाएं जताई जा रही हैं। ऐसे में भारत सरकार ने एहतियातन यह कदम उठाया है, ताकि भारतीय नाविकों और समुद्री हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सरकार ने दोहराया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। भारत ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। साथ ही सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किए जाने पर भी बल दिया गया है।
