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अमित शाह आज अरुणाचल में, वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के जरिए चीन की चाल का देंगे करारा जवाब

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Apr 10, 2023, 03:06 PM IST

अमित शाह का दौरा इस मायने में अहम है कि चीन ने अपनी पुरानी चाल चलते हुए प्रदेश की 11 जगहों के नाम बदले थे जिसे भारत ने तुरंत खारिज कर दिया था।

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आज गृह मंत्री अमित शाह अरुणाचल प्रदेश जा रहे हैं

Photo : PTI

Vibrant Village Scheme in Arunachal: चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश में पर्वत चोटियों, नदियों और रिहायशी इलाकों सहित 11 जगहों का नाम बदलने के कुछ दिनों बाद आज गृह मंत्री अमित शाह अरुणाचल प्रदेश जा रहे हैं। अमित शाह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अंजाव जिले के किबिथू में 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' का शुभारंभ करेंगे। शाह का दौरा इस मायने में अहम है कि चीन ने पुरानी चाल चलते हुए प्रदेश की 11 जगहों के नाम बदले हैं।

भारत ने खारिज किया था चीन का दावा

हालांकि, भारत ने चीन के दावे को तुरंत खारिज करते हुए कहा था कि अरुणाचल प्रदेश इसका अभिन्न अंग है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था- यह पहली बार नहीं है जब चीन ने इस तरह का प्रयास किया है। हम इसे सिरे से खारिज करते हैं। अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है, है और हमेशा रहेगा। नाम बदलने से सच्चाई नहीं बदल जाएगी।

अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चाउना मीन ने एक ट्वीट में कहा था- 'दिबांग घाटी जिले में मिपी सर्कल में चीन सीमा के पास के गांवों में रिवर्स माइग्रेशन देखा जा रहा है, बेहतर सड़क संपर्क के कारण ग्रामीण अपने मूल गांवों में लौट रहे हैं। यह अरुणाचल सरकार के प्रयासों का नतीजा है। सीमावर्ती गांवों में बुनियादी सुविधाएं और आजीविका सृजित करने का प्रयास।' उन्होंने एक ग्राफिक भी साझा किया, जिसमें लिखा है- 'अरुणाचल के सीमावर्ती क्षेत्रों को बढ़ाना। दिबांग घाटी जिले के मिपी सर्कल में बेराली, अबाली, इंदुली और अन्य गांव अब पक्की सड़कों से जुड़े हुए हैं। पांच से ज्यादा परिवार इन गांवों में वापस लौट आए हैं।'

वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम क्या है?

वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपने 2022 के बजट भाषण में घोषणा की थी। ये एक केंद्र-प्रायोजित योजना है, जिसका उद्देश्य वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से लगते सीमावर्ती गांवों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और सुधार करना है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 के लिए सड़क संपर्क के लिए 2500 करोड़ रुपये सहित 4800 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। अब तक सरकार ने अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के 19 जिलों के 46 ब्लॉकों में ऐसे 2967 गांवों की पहचान की है।

पहले चरण में प्राथमिकता कवरेज के लिए कुल 663 गांवों की पहचान की गई है, जिसमें अरुणाचल प्रदेश के 455 गांव, हिमाचल प्रदेश के 75, लद्दाख के 35, सिक्किम के 46 और उत्तराखंड के 51 गांव शामिल हैं। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत सरकार बेहतर सड़क संपर्क, पीने के पानी की आपूर्ति, सौर और पवन ऊर्जा सहित 24 घंटे बिजली की आपूर्ति, मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी, पर्यटन केंद्र, बहुउद्देश्यीय केंद्र, स्वास्थ्य देखभाल बुनियादी ढांचे और कल्याण केंद्रों पर ध्यान केंद्रित करेगी।

शाह अरुणाचल प्रदेश के 2 दिवसीय दौरे पर होंगे, जिसमें वह किबिथू में 'स्वर्ण जयंती सीमा रोशनी कार्यक्रम' के तहत निर्मित अरुणाचल प्रदेश सरकार की नौ माइक्रो हाइडल परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे। 11 अप्रैल को शाह लिकाबाली (अरुणाचल प्रदेश), छपरा (बिहार), नूरानद (केरल) और विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) में बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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