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गजब का वकील! 'कमाऊ' पत्नी से लेते रहा गुजारा भत्ता, कर्ज भी बीवी के नाम पर ले डाला; अब Allahabad High Court में फंसा

इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) ने एक वकील पर तब शिकंजा कसा, जब पत्नी से गुजारा भत्ता लेने के केस में उसकी सारी पोल खुल गई।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वकील पर लगाया जुर्माना (AI Photo)

आमतौर पर तलाक के केस में पत्नी गुजारा भत्ता मांगती है, कोर्ट जाती है, लेकिन यूपी में एक वकील साहब ने इस नियम को ही उलट दिया, पत्नी से ही गुजारा भत्ता ले लिया, कमाने वाली पत्नी के नाम पर कर्ज ले डाला। लेकिन उसकी चलाकी इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) में पकड़ी गए और वो अब नाप दिए गए हैं।

इलाहाबाद हाई कोर्ट का एक्शन

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक अधिवक्ता की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने अपनी पत्नी के खिलाफ भरण-पोषण मामले के जल्द निपटारे की मांग की थी। अदालत ने इसे “बेवजह परेशान करने” और “भ्रामक आधार पर दायर” याचिका माना। न्यायमूर्ति Vinod Diwakar ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि याचिकाकर्ता ने तथ्यों को छिपाया और पत्नी को नुकसान पहुंचाने की नीयत से अदालत का रुख किया। इस पर कोर्ट ने पति पर 15 लाख रुपये का हर्जाना भी लगाया। अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता शारीरिक रूप से सक्षम होने के बावजूद, जो खुद वकालत के पेशे में है, उसने न सिर्फ अपने पक्ष में दिए गए गुजारा भत्ते के आदेश को छिपाया, बल्कि पत्नी के नाम पर लिए गए व्यक्तिगत ऋण का पैसा भी अपने ऐशो-आराम और शराब पर खर्च कर दिया।

2019 में हुई थी शादी, तब थे दोनों बेरोजगार

मामले के अनुसार, दोनों की शादी 18 मई 2019 को हुई थी और उस समय दोनों प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। बाद में पत्नी को हाईकोर्ट में अपर निजी सचिव की नौकरी मिल गई, जबकि पति कानून की डिग्री और अधिवक्ता होने के बावजूद बेरोजगार ही रहा। समय के साथ दोनों के बीच विवाद बढ़ा, जिसके बाद पति ने इटावा की फैमिली कोर्ट में गुजारा भत्ता मांगा, जहां उसके पक्ष में आदेश आया। इसके बावजूद उसने खुद को आयहीन बताते हुए हाईकोर्ट में नई याचिका दाखिल कर दी, जबकि इसी आदेश के खिलाफ मामला प्रयागराज की फैमिली कोर्ट में लंबित था।

पत्नी के नाम पर लाखों का कर्ज

पत्नी ने अदालत को बताया कि पति ने जमीन खरीदने का झांसा देकर उसके वेतन खाते के आधार पर पहले 11.5 लाख और फिर 13.56 लाख रुपये का लोन लिया। इन दोनों लोन की किस्तें वह खुद चुका रही है, जो 2028 तक जारी रहेंगी। पत्नी का आरोप था कि पति ने धोखे से यह पैसा अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया और इसे फिजूलखर्ची व शराब पर उड़ा दिया। आखिरकार, पति के व्यवहार से परेशान होकर उसने 20 मई 2025 को तलाक की अर्जी दाखिल की।

अब भुगतान करने होंगे 15 लाख रुपये

अदालत ने पूरे मामले पर विचार करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने लोन की रकम का स्पष्ट रूप से दुरुपयोग किया है और उसकी मंशा साफ तौर पर गलत है। कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए निर्देश दिया कि पति छह महीने के भीतर पत्नी को 15 लाख रुपये का भुगतान करे। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि तय समय में राशि नहीं दी जाती, तो इटावा के जिला मजिस्ट्रेट इसे भू-राजस्व बकाया की तरह वसूलेंगे और आरोपी की संपत्तियों की जांच भी कराई जाएगी।

PTI इनपुट के साथ

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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