उत्तर प्रदेश में जारी बिजली संकट को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Akhilesh Yadav Statement on CM Yogi) की सरकार पर तीखा हमला बोला है। लखनऊ से जारी बयान और सोशल मीडिया पोस्ट में अखिलेश ने बिजली व्यवस्था और सरकार की कार्यशैली पर कई सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में बिजली की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, लेकिन सरकार के स्तर पर इसका कोई ठोस समाधान नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में अब 'करंट ही नहीं बचा है', यानी सरकार पूरी तरह कमजोर हो चुकी है।
सरकार के भीतर तालमेल की भारी कमी-अखिलेश यादव
अखिलेश ने यह भी सवाल उठाया कि क्या ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा को मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकों में बुलाया जाता है या नहीं, क्योंकि दोनों नेता कई बार साथ नजर नहीं आते। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में अंदरूनी मतभेद बढ़ते जा रहे हैं और कई विधायक तथा सांसद अपनी ही सरकार के खिलाफ पत्र लिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि सरकार के भीतर तालमेल की भारी कमी है। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि बिजली उपकेंद्रों पर पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र बल) की तैनाती इस बात का संकेत है कि सरकार जनता के गुस्से से डर रही है।
सपा नेता ने आने वाले चुनाव को लेकर भी की तीखी टिप्पणी
सपा नेता ने आने वाले चुनाव को लेकर भी तीखी टिप्पणी की और कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है और भाजपा को इसका जवाब मिलेगा। उनके अनुसार सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बचने की कोशिश कर रही है। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने ऊर्जा विभाग और बिजली निगम के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर नागरिक को पर्याप्त और नियमित बिजली देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने भी दावा किया है कि उत्तर प्रदेश ने बिजली आपूर्ति के नए रिकॉर्ड बनाए हैं। उनके अनुसार राज्य में बिजली की मांग और आपूर्ति दोनों ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार सिस्टम को मजबूत कर रही है और जल्द ही स्थिति और बेहतर होगी। इस तरह बिजली संकट को लेकर यूपी में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और सरकार व विपक्ष आमने-सामने नजर आ रहे हैं।
