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अखिलेश यादव ने जाति जनगणना का फिर किया समर्थन, बोले- 'आरक्षण धर्म पर आधारित नहीं'

Akhilesh Yadav: अखिलेश यादव ने जाति जनगणना और पिछड़े तथा दलित समुदायों के लिए आरक्षण के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की। अखिलेश यादव ने कहा कि हम जाति जनगणना के पक्ष में हैं और पिछड़े तथा दलित लोगों को आरक्षण मिलना चाहिए।

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अखिलेश यादव ने जाति जनगणना का फिर किया समर्थ

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार को जाति जनगणना और पिछड़े तथा दलित समुदायों के लिए आरक्षण के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की। अखिलेश यादव ने साथ ही स्पष्ट किया कि आरक्षण धर्म के आधार पर नहीं दिया जाता है। उन्होंने उन लोगों को भी आरक्षण देने की आवश्यकता पर बल दिया, जो ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर रहे हैं और समाज में पीछे रह गए हैं।

हम जाति जनगणना के पक्ष में हैं- अखिलेश यादव

मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि हम जाति जनगणना के पक्ष में हैं और पिछड़े तथा दलित लोगों को आरक्षण मिलना चाहिए। साथ ही, जो लोग समाज में पीछे रह गए हैं, उन्हें आरक्षण मिलना चाहिए। जाति जनगणना की लड़ाई लंबी है, इसीलिए जनगणना नहीं हो रही है क्योंकि जब यह होगी, तो सारे सवाल सामने आ जाएंगे। जब उनसे पूछा गया कि क्या मुसलमानों के लिए आरक्षण होना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि आप सभी जानते हैं कि धर्म के आधार पर कोई आरक्षण नहीं है। यादव की टिप्पणी सामाजिक न्याय और सकारात्मक कार्रवाई पर चल रही राजनीतिक चर्चाओं के बीच आई है। इससे पहले समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने भी इसी तरह का बयान दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि जाति जनगणना से देश की वास्तविक सामाजिक-आर्थिक स्थिति का पता चलेगा। राम गोपाल यादव ने संवाददाताओं से कहा कि अगर जाति जनगणना होगी तो वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी। वर्तमान में, केवल कुछ लोग ही सभी लाभ उठा रहे हैं।

इस बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी डॉ. बीआर अंबेडकर के ऐतिहासिक महाड़ सत्याग्रह को याद करते हुए जाति जनगणना की मांग की है। उन्होंने तेलंगाना जाति सर्वेक्षण पैनल के सदस्य प्रोफेसर सुखदेव थोराट के साथ शासन, शिक्षा और संसाधनों तक समान पहुंच के लिए दलितों के चल रहे संघर्षों पर चर्चा की। कांग्रेस नेता ने रेखांकित किया कि जाति आधारित भेदभाव के खिलाफ अंबेडकर की लड़ाई अभी भी अधूरी है और इसे पूरी ताकत से जारी रखना चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि जाति जनगणना इस असमानता की सच्चाई को सामने लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जबकि इसके विरोधी इस सच्चाई को सामने नहीं आने देना चाहते हैं। बाबासाहेब का सपना अभी भी अधूरा है। उनकी लड़ाई सिर्फ अतीत की नहीं है, यह आज की भी है हम इसे पूरी ताकत से लड़ेंगे।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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