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अजीत डोभाल ने अमेरिकी NSA को घुमाया फोन, क्या हुई बातचीत? पीएम मोदी के रूस दौरे के बाद दे रहे थे धमकी

Ajit Doval: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में दो दिवसीय रूस यात्रा से लौटे हैं। इस दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी के बीच काफी गहरी दोस्ती देखी गई। मोदी के इस दौरे पर अमेरिका समेत कई पश्चिमी देश नजर लगाए हुए थे। इस दौरे के बाद अमेरिका ने कहा है कि अगर भारत और चीन के बीच संघर्ष होता है तो पुतिन बीजिंग का ही पक्ष लेंगे।

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Ajit Doval with PM Modi

Photo : BCCL

Ajit Doval: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूस दौरे से अमेरिका चिढ़ गया है। अमेरिका की ओर से बार-बार बयानबाजी कर भारत को रूस से दोस्ती बढ़ाने को लेकर आगाह किया जा रहा है। कल अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने भी एक बयान में कहा था कि एक दीर्घकालिक, भरोसेमंद साझेदार के रूप में रूस पर दांव लगाना ठीक नहीं है। अगर भारत और चीन के बीच संघर्ष होता है तो पुतिन बीजिंग का पक्ष लेंगे।

अब भारत ने अमेरिका को जवाब दिया है। भारतीय राष्ट्रीस सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अपने अमेरिकी समकक्ष को फोन कर अमेरिका और भारत के संबंधों पर चर्चा की है। उन्होंने दोनों देशों के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और विस्तार देने के लिए सामूहिक रूप से काम करने की आवश्यकता दोहराई है।

डोभाल और सुलिवन के बीच क्या हुई बातचीत

विदेश मंत्रालय ने बताया कि डोभाल और सुलिवन ने शांति और सुरक्षा की दिशा में वैश्विक चुनौतियों से निपटने और भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और विस्तार देने के लिए सामूहिक रूप से काम करने की आवश्यकता दोहराई। दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ‘‘साझा मूल्यों और समान रणनीतिक एवं सुरक्षा हितों पर आधारित भारत-अमेरिका संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, उन्होंने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय चिंता के मुद्दों और क्वाड ढांचे के तहत जुलाई 2024 एवं उसके बाद होने वाली आगामी उच्च स्तरीय बैठकों पर चर्चा की।

हाल ही में भारत आए थे जेक सुलिवन

अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन पिछले महीने भारत आए थे। उन्होंने के अपने समकक्ष अजीत डोभाल के साथ बैठक की थी। इसके अलावा शीर्ष अमेरिकी अधिकारी ने अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी से भी मुलाकात की थी। बता दे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में रूस का दौरा किया था। पीएम मोदी के इस दौरे पर अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशों की नजर थी। पीएम मोदी के रूस दौरे से लौटने के बाद अमेरिका ने पीएम मोदी और पुतिन की दोस्ती को लेकर कई बयानबाजी की हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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