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एयर इंडिया प्लेन क्रैश की शुरुआती रिपोर्ट पर उठ रहे सवाल; पायलटों के संगठनों ने कर दी यह मांग

Air India Plane Crash: फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने गुरुवार को सरकार से कहा कि पिछले महीने दुर्घटना का शिकार हुए एयर इंडिया के बोइंग विमान 787-8 में किसी संभावित गलत अनुमान या यांत्रिक खामी का पुन: आकलन किया जाना चाहिए। सूत्रों के अनुसार, संगठन ने नागर विमानन मंत्रालय को पत्र लिखकर दुर्घटना की जांच और प्रारंभिक रिपोर्ट पर अनेक चिंताएं जताई हैं।

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एयर इंडिया प्लेन क्रैश हादसे की साइट (फाइल फोटो)

Photo : AP

Air India Plane Crash: फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने गुरुवार को सरकार से कहा कि पिछले महीने दुर्घटना का शिकार हुए एयर इंडिया के बोइंग विमान 787-8 में किसी संभावित गलत अनुमान या यांत्रिक खामी का पुन: आकलन किया जाना चाहिए। संगठन ने इस मामले में जांच में विषय विशेषज्ञों को शामिल करने की जरूरत बताई।

क्या है पूरा मामला?

गत 12 जून को अहमदाबाद में हुए हादसे पर विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की शुरुआती रिपोर्ट को लेकर चिंताएं प्रकट करते हुए एफआईपी ने कहा कि रिपोर्ट में दो संभावित और पूर्व में दस्तावेजों में जब्त किए गए तकनीकी परिदृश्यों पर पर्याप्त रूप से विचार नहीं किया गया या उन्हें स्वीकार नहीं किया गया, जिनमें से किसी एक के कारण दोनों इंजन स्वचालित तरीके से बंद हुए हो सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, संगठन ने नागर विमानन मंत्रालय को पत्र लिखकर दुर्घटना की जांच और प्रारंभिक रिपोर्ट पर अनेक चिंताएं जताई हैं। फेडरेशन ने शुरुआती रिपोर्ट समय पर जारी होने की प्रशंसा की, वहीं यह भी कहा कि इस रिपोर्ट से यह निष्कर्ष निकलता प्रतीत होता है कि पायलट की ओर से त्रुटि हुई और इसके लिए कोई ठोस प्रमाण नहीं दिया गया या उस तकनीकी खामी पर विचार नहीं किया गया जिस तरह की संभावना पहले एक ऐसी ही विमान दुर्घटना में तलाशी गई थी।

संगठन ने पत्र में लगाए गंभीर आरोप

संगठन ने पत्र में आरोप लगाया है कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि बोइंग विमान में प्रणाली संबंधी चूक के लिए शुरुआत में पायलट की त्रुटि को या आत्महत्या की मंशा को जिम्मेदार ठहराया गया हो, जो बाद की जांच में गलत साबित हुईं। पत्र के हवाले से सूत्रों ने कहा कि एआई-171 विमान की दुर्घटना संबंधी शुरुआती रिपोर्ट में पूरी तरह सत्यापन के बिना अपरिपक्व तरीके से और परोक्ष रूप से पायलट की चूक को जिम्मेदार ठहराने से न केवल गलत तरह से किसी को जवाबदेह ठहराने का जोखिम पैदा होता है, बल्कि अतीत में हुईं जांच संबंधी खामियों को भी दोहराया जा रहा है।

एफआईपी ने उपलब्ध एफडीआर/सीवीआर डेटा और पूर्व बोइंग बुलेटिन के आधार पर टीसीएमए/ईईसी/एफएडीईसी की गलत व्याख्या और यांत्रिक त्रुटियों की भूमिका के पुन: आकलन की मांग की है। टीसीएमए से आशय 'थ्रस्ट कंट्रोल मालफंक्शन एकोमोडेशन' से है, वहीं ईईसी 'इलेक्ट्रॉनिक इंजन कंट्रोलर' का शब्द-संक्षेप है। इसी तरह एफएडीईसी 'फुल अथॉरिटी डिजिटल इंजन कंट्रोल' है, एफडीआर का आशय 'फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर' और सीवीआर 'कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर' का संक्षिप्त रूप है।

ईंधन स्विच हो गए थे बंद

गत शनिवार को जारी एएआईबी की शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया है कि उड़ान भरने के तुरंत बाद एक सेकंड के अंतराल में विमान के ईंधन स्विच बंद हो गए और विमान के एक इमारत से टकराने से पहले कॉकपिट में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। उड़ान संख्या एआई-171 ने अहमदाबाद से लंदन गैटविक के लिए प्रस्थान किया था। हालांकि, रिपोर्ट में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया है, लेकिन कुछ हलकों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि दुर्घटना का कारण पायलट की संभावित गलती भी हो सकती है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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