Amritpal singh Arrest news: अमृतपाल सिंह खुद को वारिस पंजाब दे का मुखिया कहता है। लेकिन वो कानून की नजर में भगोड़ा है, अगर कहें कि उसकी हरकतें किसी भी मायने में स्वीकार नहीं की जा सकती तो गलत ना होगा। 12 दिन बीत जाने के बाद भी वो पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। कभी पंजाब, कभी हरियाणा, कभी दिल्ली, कभी लखीमपुर तो कभी नेपाल के बाद बुधवार को सुबह सुबह जानकारी मिली कि वो पंजाब के होशियारपुर में पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। इतना ही नहीं उसने पंजाब पुलिस को चुनौती देते हुए कहा है कि किसी में दम नहीं कि वो उसे पकड़ ले। सवाल यह है कि हाईटेक का दावा करने वाली पंजाब पुलिस उसे क्यों नहीं पकड़ पा रही है। क्या उसके तंत्र के आगे पुलिस का तंत्र नाकाम साबित हो रहा है। हालांकि पंजाब पुलिस का कहना है कि उसे हम पकड़ ही लेंगे।
क्या कहते हैं जानकार
इस पूरे मामले में अवकाश प्राप्त मेजर जनरल जी डी बख्शी ने कहा कि आप केंद्र सरकार को कसूरवार कैसे मान सकते हैं। केंद्र के दबाव के बाद ही ऑपरेशन शुरू किया गया। जमीनी स्तर पर उस भगोड़े के खिलाफ कार्रवाई तो पंजाब पुलिस को करनी है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पंजाब पुलिस में ही किसी स्तर पर जानकारी लीक की गई हो। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्तर पर नाकामी की बात सामने तब आती है जब खुफिया जानकारी को साझा ना किया जाए। लेकिन यहां तो पूरा केस ही अलग है। अमृतपाल के समर्थकों ने जब अजनाला थाने को बंधक बना लिया था उसी समय सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए थी। लेकिन कार्रवाई तो 18 मार्च को शुरू हुई। बता दें कि पंजाब पुलिस का कहना है कि उसने एक गाड़ी का करीब 37 किमी तक पीछा किया। लेकिन गाड़ी सवार गुरुद्वारे में जा घुसा और दो लोग दीवाल फांद कर भाग गए।
