Parliament Winter Session: विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच लोकसभा को सोमवार को बिना कोई महत्वपूर्ण कामकाज किए स्थगित कर दिया गया। दोपहर 12 बजे जैसे ही सदन दोबारा शुरू हुआ, विपक्षी सदस्यों को उत्तर प्रदेश के संभल में हिंसा के बारे में नारे लगाए और एक अमेरिकी अदालत में गौतम अडानी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच की मांग उठाई। इसके बाद कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले इस साल संसदीय चुनाव जीतने वाले दो सांसदों सहित दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद निचले सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।
इस सत्र में कई मुद्दों पर हंमामे के आसार हैं। खास तौर पर वक्फ अधिनियम (संशोधन) विधेयक, अडानी मामला और मणिपुर हिंसा पर संसद में जबरदस्त हंगामा नजर आ सकता है। शीतकालीन सत्र 20 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें कई विधेयक पेश किए जाएंगे। विपक्ष की रणनीति पर चर्चा के लिए इंडिया ब्लॉक के नेता भी आज संसद भवन में बैठक की। वहीं, सत्र को लेकर रविवार को सरकार ने सर्वदलीय बैठक भी बुलाई थी।
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर अडानी मामले पर चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव दे चुके हैं।
इन विधेयकों पर होगी चर्चा
इस सत्र के दौरान संसद में मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, भारतीय वायुयान विधेयक, आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, लदान विधेयक, माल ढुलाई विधेयक, समुद्री विधेयक, रेलवे (संशोधन) विधेयक, बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, और तेल क्षेत्र (विनियमन और विकास) संशोधन विधेयक शामिल हैं। सत्र से पहले सरकार ने रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई, जिसमें सभी दलों से संसद के सुचारू कामकाज को सुनिश्चित करने में सहयोग करने की अपील की गई।अडानी समूह मामले पर चर्चा
अडानी समूह के खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोपों को चर्चा के लिए लेने की विपक्ष की मांग पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दोनों सदनों की संबंधित व्यापार सलाहकार समितियां सत्र के एजेंडे पर फैसला करेंगी। पिछले हफ्ते, अमेरिकी अभियोजकों ने बिजली आपूर्ति अनुबंध हासिल करने के लिए कथित तौर पर भारत सरकार के अधिकारियों को रिश्वत देने के आरोप में गौतम अडानी और सात अन्य पर अभियोग शुरू किया था। हालांकि, अडानी समूह ने आरोपों से इनकार करते हुए इन्हें निराधार बताया है।इंडिया गुट की बैठक
इस बीच, सत्र शुरू होने से पहले विपक्ष की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए इंडिया ब्लॉक पार्टियों के सांसद संसद भवन में सुबह 10.30 बजे एक बैठक की। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस सांसद और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे रणनीति तय कर सकते हैं। पार्टी मणिपुर हिंसा और अडानी समूह के खिलाफ रिश्वतखोरी के आरोपों का मुद्दा भी उठाएगी। इससे पहले, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद के शांतिपूर्ण सत्र का आह्वान करते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसी भी विषय पर चर्चा के लिए तैयार है।रिजिजू बोले, संसद में हो सार्थक बहस
24 नवंबर को सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक के बाद रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए रिजिजू ने कहा कि संसद में चर्चा के लिए कई विषय उठाए गए थे। रिजिजू ने कहा कि बैठक में 30 राजनीतिक दलों के कुल 42 नेता मौजूद थे। कई विषय हैं। सभी ने कुछ विषयों पर चर्चा के लिए कहा है लेकिन हम चाहते हैं कि लोकसभा और राज्यसभा में अच्छी चर्चा हो। उन्होंने कहा, सरकार किसी भी विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। हमारा एक ही अनुरोध है कि सदन अच्छे से चले और कोई हंगामा न हो। हर सदस्य चर्चा में हिस्सा लेना चाहता है लेकिन सदन अच्छे से चलना चाहिए। सबका सहयोग जरूरी है, सबकी भागीदारी जरूरी है।
